सुखपुरा थाने में अस्पताल में काम करने वाले एक युवक ने धोखे से जांच कराने के नाम पर अपने ही दोस्त का एक यूनिट खून निक लवा लिया। मामले का खुलासा तब हुआ जब उसके दोस्त को शक हुआ। उसने अपने घरवालों को बुलवा लिया। इससे नाराज घरवालों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया और आरोपी युवक की जमकर पिटाई कर दी। हालांकि पुलिस ने दोनों में सुलहनामा लिखवाकर आरोपी युवक को छोड़ दिया है।
ब्रह्माइन डेरा निवासी जितेंद्र कुमार यादव सेना में भर्ती की तैयारी कर रहा है। उसके हाथ के एक अंगुली में कई फुंसियां हो गई थी। पड़ोसी गांव भरतपुर का उसका दोस्त तारके श्वर तिखमपुर स्थित अस्पताल में कार्य करता है। जितेंद्र ने अपने दोस्त में अपनी अंगुली दिखाई। उसके दोस्त ने अंगुली में इंफेक्शन होने की बात कही और खून चेक कराने की सलाह दी।
दोस्त की सलाह पर वह उसके अस्पताल में पहुंचा जहां जांच के नाम पर उसका एक यूनिट खूल निकाल लिया गया। इसी बीच जितेंद्र को शक हो गया और उसने अपने गांव के लोगों को फोन से सूचना दे दी। सूचना पर पहुंचे गांव के लोगों ने अस्पताल पर जमकर हंगामा किया और आरोपी युवक की पकड़कर पिटाई शुरू कर दी। साथ ही निकाले गए खून का पैकेट भी बरामद कर लिया गया।
परिवार के सदस्यों का कहना है कि यह पैकेट सरकारी अस्पताल का है। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी युवक को कोतवाली लाए। बाद में आरोपी युवक से सुलहनामा लिखवाकर छोड़ दिया गया। पूछे जाने पर शहर कोतवाल संदीप कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी युवक को छोड़ दिया गया है, क्योंकि वादी की ओर से यह लिखकर दिया गया था कि उसने ब्लड डोनेट किया है।