करीब पांच वर्ष पूर्व एक मासूम की हत्या के मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने दंपती समेत दो महिला आरोपियों के विरुद्ध दोष साबित पाकर उन्हें आजीवन कारावास तथा 40-40 हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। इस मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार राय की अदालत में हुई।
अभियोजन के अनुसार वादी मुकदमा फेफना थाना क्षेत्र के सहदेश निवासी अवधेश उपाध्याय ने दिनांक छह अक्टूबर 2011 को फेफना थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि मेरी पुत्री बीनू (07) घर के पास अकेले खेल रही थी। इसबीच अचानक वह गायब हो गई। काफी तलाश के बाद भी उसका सुराग नहीं मिला।
मेरे पिता बेचन, मेरी पत्नी सुनीता तथा गांव के लोगों ने उसे अंतिम बार अभिमन्यु शर्मा मुन्ना, इसकी पत्नी मीरा शर्मा, बहन उषा शर्मा तथा मां परमेश्वरी देवी के साथ जाते हुए देखा था। दूसरे दिन उसका शव सतपारा कुएं में मिला।
इस मामले में तहरीर देने के बाद अभिमन्यु, पत्नी मीरा शर्मा, बहन उषा शर्मा, माता परमेश्वरी देवी के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ। आरोप पत्र प्रेषित होने के बाद दौरान विचारण अभियुक्ता परमेश्वरी देवी का निधन हो गया। कोर्ट ने सुनवाई करते हुए आरोपी अभिमन्यु शर्मा पत्नी मीरा शर्मा व बहन उषा शर्मा के विरूद्ध दोष साबित पाकर उन्हें आजीवन कारावास तथा 40-40 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा से दंडित किया गया
। अभियोजन का पक्ष एडीजीसी अरूण कुमार तथा बचाव पक्ष से कृष्ण मोहन तिवारी ने पैरवी की।