बलिया। फेफना थाना क्षेत्र के गंगहरा गांव के लोगों ने जमीनी विवाद को लेकर हुई मारपीट में पुलिसिया कार्रवाई पर ढिलाई बरतने का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को कपूरी गांव के सामने एनएच 31 पर जाम लगा दिया। इससे एनएच के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। जिसके चलते यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों का कहना था कि जब तक आरोपी के खिलाफ धारा 307 लगाकर कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी तब तक धरने पर बैठे रहेंगे। सूचना पर पहुंचे सदर एसडीएम निखिल टीकाराम फुंडे के आश्वासन पर प्रदर्शनकारियों ने घंटों बाद जाम समाप्त किया।
एसडीएम को सौंपे शिकायती पत्र में कहा कि फेफना थाना क्षेत्र के गंगहरा गांव निवासी शिवमुनी गोंड तथा विश्वानाथ दुबे में जमीनी विवाद है। इसी को लेकर 15 अगस्त 2017 को दोनों पक्षों में विवाद हो गया था। इस दौरान शिवमुनी के घर पर केवल महिलाएं थी। इसका फायदा उठाते हुए विश्वनाथ दुबे के पुत्र जितेंद्र दुबे और उनके भाई घर में घुुस गए और महिलाओं को जमकर पीटा। जिसमें विश्वानाथ की पुत्री शशिकला की बेहोश गई, बावजूद ये लोग उसे मारते रहे। जिसके चलते वह कोमा में चली गई। जिसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से चिकित्सकाें ने स्थिति नाजुक देख वाराणसी रेफर कर दिया, जो जिंदगी और मौत से जुझ रही है। इस मामले में पुलिस एफआईआर तक दर्ज नहीं कर रही थी। लेकिन गांव वालों के काफी संघर्ष के बाद पुलिस ने 452 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज किया। जिसके चलते बदमाशों को तत्काल जमानत मिल गई। जिससे मजबूर होकर एनएच-31 को जाम करना पड़ा।ग्रामीणों ने मांग की कि बदमाशों के विरुद्ध धारा 307 के तहत मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार किया जाय। साथ ही फर्जी तरीके से पीड़ित परिवार पर लगाए गए मुकदमे तत्काल वापस लिया जाय। इसके अलावा इलाज में आने वाले खर्च को शासन द्वारा वहन किया जाय। इस दौरान सदर एसडीएम ने आश्वासन दिया कि मेडिकल मुआयना कराकर कानूनी कार्रवाई कराई जाएगी।