बलिया। शहर कोतवाली पुलिस ने मंगलवार को केंद्रीय औषधि भंडार के चीफ फार्मासिस्ट रामकठिन राम एवं चीफ फार्मासिस्ट सत्यप्रकाश सिंह के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। यह कार्रवाई केंद्रीय औषधि भंडार के प्रभारी डॉ. एके सिंह के तहरीर पर पुलिस ने किया। दोनों पर अभिलेख उपलब्ध न कराना एवं धमकी देने के अलावा चार्ज नहीं देने का आरोप है।
मालूम हो कि जनपद में दवा खरीद में हुए करोड़ों रुपये घोटाले के मामले में निदेशक (पैरामेडिकल) ज्ञान प्रकाश ने 30 मई 2018 को तत्काल प्रभाव से केंद्रीय औषधि भंडार में तैनात आरोपित चीफ फार्मासिस्ट सत्यप्रकाश सिंह को ललीतपुर व रामकठिन राम को चकिया चंदौली स्थानांतरित कर दिया था। साथ ही निर्देशित किया था कि चीफ फार्मासिस्ट सत्यप्रकाश सिंह एवं रामकठिन राम स्थानीय व्यवस्था से कार्य मुक्त होकर नई तैनाती स्थान पर तत्काल पदभार ग्रहण करें और प्रभार प्रमाण पत्र प्रतिहस्ताक्षरित कर संबंधित अधिकारियों व महानिदेशक को यथा शीघ्र उपलब्ध कराया जाए। लेकिन दोनों आरोपी फार्मासिस्टों ने आज तक चार्ज हैंडओवर नहीं किया। जिसकी जानकारी होने पर डीएम भवानी सिंह खंगारौत ने दोनों फार्मासिस्टों के विरुद्ध एफआईआर के लिए छह जून को सीएमओ को निर्देशित किया था। डीएम के निर्देश के क्रम में सीएमओ ने सात जून 2018 को पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर एफआईआर दर्ज करने की मांग थी। जिसके क्रम में पुलिस ने केंद्रीय औषधि भंडार के प्रभारी डा. एके सिंह के तहरीर पर मंगलवार को चीफ फार्मासिस्ट सत्यप्रकाश सिंह एवं रामकठिन राम के विरूद्घ धारा 409, 506 भादवि के तहत मुकदमा दर्ज कर छानबीन में जुट गई।