बांसडीह। क्षेत्र के मैरीटार गांव में एक विवाहिता का शव बुधवार की सुबह मिलने से सनसनी फैल गई। सूचना पर पंहुचे बांसडीह कोतवाल गगनराज सिंह ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं मृतका के पिता के तहरीर पर पुलिस ने पति, सास व ससुर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर हिरासत में ले लिया। उधर, एएसपी विजय पाल सिंह, सीओ बांसडीह अशोक कुमार सिंह मौके पर पहुंच ग्रामीणों से पूछताछ की।
बांसडीह कोतवाली क्षेत्र के खेवसड़ गांव के रघुबरनगर निवासी व मृतका के पिता ने हरेराम ने तहरीर में उल्लेख किया है कि उसने अपनी पुत्री सुमित्रा की शादी 10 जुलाई 2018 को कोतवाली क्षेत्र के मैरीटार निवासी संतोष के साथ हिंदू रीति-रिवाज से की थी। लेकिन बेटी का पति संतोष, सास चंद्रावती व ससुर दुबर राजभर नकद रुपया व अन्य सामान मांगते थे। नहीं देने की दिशा में मेरी पुत्री को आए दिन मारते पीटते थे। मेरी बेटी कई बार अपने साथ हो रहे उत्पीड़न व मारपीट की बात बताती थी। बावजूद बेटी को समझाया जाता था। लेकिन मंगलवार की रात पति व ससुरालीजनों ने बेटी को मारपीटा और अंत में उसका गला दबाकर हत्या कर दी। जबकि मृतका के ससुर दुबर राजभर का कहना है कि बहू ने स्वयं फांसी लगाकर आत्महत्या की है। जिसे मेरी पत्नी ने बुधवार की सुबह देखा और हम लोगों को बताया। जिसके बाद हम लोगों ने उसे नीचे उतारा और बहू के मायके और पुलिस को सूचना दी। जिसके बाद बांसडीह कोतवाल गगनराज सिंह, सीओ अशोक सिंह, एएसपी विजय पाल सिंह मौके पर पहुंच गए और मुआयना किया। जहां मृतका के गले पर निशान के साथ ही पीठ व बांह पर चोट के निशान मिले। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर अंत्य परीक्षण के लिए भेज दिया। इस बाबत एएसपी विजय पाल सिंह ने बताया कि मृतका के पिता के तहरीर पर पति पति संतोष राजभर, ससुर दुबर राजभर, सास चंद्रावती देवी के खिलाफ डीपी एक्ट सहित अन्य धाराओं में मुकदमा कायम कर तीनों को हिरासत में ले लिया गया है। मामले की छानबीन की जा रही है।