बैरिया। विकास खंड क्षेत्र के दुर्जनपुर में एक ऐसे व्यक्ति के नाम से भुगतान हो गया जिसकी मौत हो चुकी है। मृतक जॉब कार्डधारक पशुपति गोंड के नाम पर 4176 रुपये का भुगतान हुआ है। खंड विकास अधिकारी रणजीत कुमार की तहरीर पर बैरिया थाना में तत्कालीन सचिव बृजलाल वर्मा, सहायक लेखाकार वीरेंद्र राम, लेखा सहायक विनोद वर्मा, कंप्यूटर आपरेटर प्रमोद यादव व तत्कालीन बैरिया प्रधान शांति देवी सहित पांच लोगों पर केस दर्ज किया गया है।
खंड विकास अधिकारी रणजीत कुमार की मानें तो दुर्जनपुर गांव के मृतक जॉब कार्डधारक के नाम पर वर्ष 2016-17 में किए भुगतान की शिकायत मनरेगा के उपायुक्त के यहां पहुंची थी और उन्होंने जांच के बाद दोषियों पर मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश बीडीओ को दिया था। जबकि मामले में कारण बताओ नोटिस के जवाब में तत्कालीन सचिव बृजलाल वर्मा ने बताया था कि काम करने के लिए कार्यालय से मस्टर रोल जारी होने के बाद मजदूरों की हाजिरी भरते समय यह देखा गया कि उक्त मजदूर की मृत्यु हो चुकी है। संज्ञान में आने के बाद मृतक मजदूर को मेरे द्वारा गैरहाजिर दिखाकर भुगतान के लिए डिमांड नहीं किया गया, बावजूद कार्यालय द्वारा मृतक मजदूर को भुगतान किया गया। मनरेगा नियमों को देखें तो सचिव द्वारा मजदूरों की डिमांड करने के बाद एपीओ द्वारा भुगतान के लिए विवरण तैयार कर बीडीओ के सामने प्रस्तुत किया जाता है और इसके बीडीओ के डिजिटल हस्ताक्षर से ही मजदूरों की मजदूरी उनके खाते में जाता है। ऐसे यह भी सवाल उठ रहा है कि सचिव व प्रधान द्वारा मजदूरी भुगतान को बिना मांग किए मजदूरी का भुगतान कैसे कर दिया गया।