ीमपुरा। सेवानिवृत्त रेलकर्मी कन्हैया हत्याकांड की गुत्थी तीन माह बाद भी पुलिस सुलझा नहीं सकी है। हालांकि इस मामले में पुलिस ने कई संदिग्धों को थाने लाई कई दिनों तक पूछताछ करने के बाद छोड़ दिया। इस हत्याकांड का मास्टर माइंड कौन है? यह पुलिस के लिए अबूझ पहेली बनकर रह गयी है। वही घटना का खुलासा न होने से पीड़ित परिवार सहित आसपास के लोग सहमे हुए है।
बतादे कि मऊ जनपद के मधुबन थाना क्षेत्र के सुग्गी चौरी(सिसवा रेता) निवासी कन्हैया लाल दास भीमपुरा थाना क्षेत्र के इब्राहिमपट्टी स्थित ससुराल में एक दशक से मकान बनाकर अपनी पत्नी के साथ रहते थे। 30 मई की रात अज्ञात लोगों ने घर में घुसकर उनको चाकुओं से गोद कर निर्मम हत्या कर दी थी। इस मामले में पुलिस संपत्ति विवाद और आशनाई दोनाें पहलुओं पर जांच कर रही है। इस मामले में पुलिस आसपास के लोगों सहित उनके रिश्तेदारों को भी हिरासत में लेकर कई दिनों तक पूछताछ की। लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लगा। आखिरकार बुढ़ापे में कन्हैया की हत्या क्यों हुई? कन्हैया के प्राइवेट पार्ट पर ही क्यों दर्जनाें वार किया गया? हत्या से पूर्व उनके घर की बिजली गुल होना। पुलिस के लिए अबूझ पहेली बनकर रह गई है। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनकी मौत रक्त स्राव से हुई है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि हत्या का खुलासा करना पुलिस के लिए चुनौती है। देखना यह है कि पुलिस मामले का सुलझा लेती है या फिर ठंडे बस्ते में डाल देती है।