नगरा। राजस्व निरीक्षक द्वारा अपनी जांच आख्या में जिंदा को ही मृतक बना देने का मामला प्रकाश में आया है। जिस व्यक्ति को मृत घोषित किया गया है, वह व्यक्ति पोस्ट आफिस में कर्मचारी है और वर्तमान में जीवित भी है। राजस्व निरीक्षक के आख्या में जीवित को मृतक बताए जाने से पीड़ित व उसका परिवार हलकान है। पीड़ित खुद को जिंदा साबित करने के लिए न्यायालय की शरण में जा रहा है।
थाना क्षेत्र के देवढिय़ा निवासी रमाकांत अपने गांव के ही पोस्ट ऑफिस पर पोस्टमैन के पद पर तैनात है। पीड़ित रमाकांत पांच भाई है। रमाकांत का कहना है कि उसका भाइयों से जमीनी विवाद है। इस विवाद की शिकायत रमाकांत के पुत्र राजबहादुर द्वारा विगत माह तहसील दिवस पर अधिकारियों को दिया गया था। प्रार्थना पत्र की जांच करने के लिए राजस्व निरीक्षक नगरा कांता राम को मिला। राजस्व निरीक्षक ने नौ सितंबर 2017 को तहसील पर अपनी जांच आख्या प्रेषित की। जांच आख्या की जानकारी के लिए राजबहादुर जब तहसील पहुंचा तो राजस्व निरीक्षक की जांच आख्या देख दंग रह गया। जांच आख्या में राजस्व निरीक्षक नगरा ने पोस्टमैन पद पर कार्यरत रमाकांत को मृतक दिखा दिया था। उधर, राजस्व निरीक्षक की आख्या में मृत घोषित होने की जानकारी होने पर पीड़ित ने प्रधान से शिकायत की। इस संबंध में प्रधान अनीता यादव ने बताया कि रमाकांत यादव पुत्र स्व छब्बन जीवति है, जो वर्तमान समय में पोस्टआफिस में पोस्टमैन के पद पर कार्यरत है।