बलिया। अक्तूबर 2016 में नेहा की गला रेतकर की हत्या के मामले में पुलिस 11 माह बाद भी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। जहां एक ओर पीड़ित परिवार न्याय की आस लिए भटक रहा है कि वहीं दूसरी ओर लोग पुलिस की कार्यप्रणाली पर उंगली उठा रहे हैं।
बता दें कि रेवती थाना क्षेत्र के छेड़ी निवासी जंग बहादुर सिंह उर्फ टमाटर सिंह की पुत्री नेहा सिंह की 15 अक्तूबर 2016 में गला रेत हत्याकर क्षेत्र के खदरा मौजा गांव स्थित सरकारी नलकूप से 100 मीटर दूर एक मक्के के खेत में फेंक दिया था। जिसे मक्के की कटाई कर रहे मजदूरों ने देख शोर मचाया था और खेत मालिक को घटना की जानकारी दी थी। सूचना पर पहुंचे खेत मालिक ने मुकामी पुलिस को सूचना दिया था। सूचना मिलते ही सीओ बैरिया, एसओ रेवती आदि पहुंच शव को कब्जे में लिया था। मृतका की मां मंजू देवी ने बताया था कि 14 अक्तूबर को सहतवार कस्बा निवासी मनोज राजभर बाइक से घर आया और कहा कि आपकी लड़की ममता जिसकी शादी सहतवार में हुई है। उसकी तबीयत खराब है, जो जिला अस्पताल में भर्ती है। चूंकि मनोज पुत्री ममता के चचेरे ससुर की गाड़ी चलाता था। जिसके चलते मेरे यहां आया करता था। उसकी बातों को विश्वास में लेकर नेहा को उसके साथ भेज दिया था।
लेकिन उस दरिंदे ने गला रेत हत्या कर क्षेत्र के खदरा मौजा गांव स्थित सरकारी नलकूप से 100 मीटर दूर एक मक्के के खेत में फेंक दिया था। इस मामले में मृतका के पिता जंग बहादुर सिंह ने मनोज के खिलाफ नामजद तहरीर दिया था। जिसमें पुलिस ने मुकदमा तो दर्ज कर कई जगह दबिश भी दिया। लेकिन करीब 11 माह बीत जाने के बाद भी आरोपी पुलिस के पकड़ से कोशो दूर है। इस बाबत बैरिया सीओ रामदरश यादव ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीम बनाकर दबिश दी जा रही है। आरोपी शीघ्र ही पुलिस की गिरफ्त में होगा।