बांसडीह (बलिया)। कभी आईजी तो कभी मंत्री का पीआरओ बन कर अधिकारियों व पुलिसवालों को फोन कर धमकाने व वसूली करने वाले तीन युवकों को पुलिस ने शनिवार की देर रात बघौता के पास गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने कुछ दिनों पूर्व एक मंत्री का पीआरओ बन कर एसपी को फोन किया था। तभी एक टीम इनकी तलाश में थी। दो दिन पूर्व इन्होंने बांसडीह चौकी के पुलिसकर्मियों को वर्दी उतरवा देने तक की धमकी दी थी।
पुलिस अधीक्षक श्रीपर्णा गांगुली ने बताया कि मंत्री का पीआरओ बताते हुए उन्हें कई फोन आए थे। जांच कराई तो पता चला कि सब फर्जी हैं। इनकी गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की गई थी। सर्विलांस पर जांच पर चल ही रही थी कि शनिवार को बांसडीह चौकी प्रभारी उमेशचंद्र यादव के मोबाइल पर फोन आया। फोन करने वाले ने कहा कि मंत्री का पीआरओ वीरेंद्र यादव बोल रहा हूं। कमलेश पटेल का क्या हुआ। मीना पटेल के घर कोई पूछताछ के लिए गया था? बातचीत के दौरान उसने चौकी इंचार्ज से बदसलूकी भी की। उधर, इनकी लोकेशन ट्रेस हो जाने पर कोतवाली प्रभारी संजय त्रिपाठी, एसआई प्रताप नारायण, अजय यादव, उमेश यादव ने बघौता मोड़ पर घेरेबंदी कर ली। थोड़ी देर में बलिया की तरफ से तीन युवक एक बाइक से आते दिखे। पुलिस ने रोका तो वे मुड़कर भागने लगे लेकिन पुलिस ने दबोच लिया। बिना नंबर की बाइक पर पुलिस का निशान बना था। पकड़ा गया चंदन धोबी निवासी ग्राम गोठहुली थाना बांसडीहरोड, वीरेंद्र यादव निवासी ग्राम महरेव थाना चितबड़ागांव, पवन गुप्ता निवासी वार्ड नंबर-11 थाना बांसडीह ने पूछताछ में बताया कि वे मंत्री, आईजी या डीआईजी का पीआरओ बनकर पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों व नेताओं को धमकाकर धन उगाही करते थे। इनका सरगना चंदन धोबी है। चौकी प्रभारी उमेश चंद्र यादव के तहरीर पर मामले में मुकदमा दर्ज कर तीनों को जेल भेज दिया।