क्षेत्र के किसानों ने पुलिस और खनन विभाग पर अवैध बालू खनन कराने का आरोप लगाया है। मंगलवार को सीएम को भेजे गए शिकायती पत्र में कहा है कि ऐसा कर विभाग और पुलिस बालू खनन माफियाओं का सहयोग कर रहे। जिनकी शह पर खनन का खेल जोरों पर चल रहा है। यह मामला तब प्रकाश में आया, जब खनन विभाग टीम ने गत सोमवार को लाल बालू लदा ट्रैक्टर एक किसान को पकड़ा।
क्षेत्र में लाल बालू पर रोक सिर्फ जनता पर है। लेकिन इस धंधे में लिप्त लोगों के लिए कोई रोक नहीं है। बालू माफिया जहां चाहे, वहां लाल बालू स्टोर कर सकते है या ट्रक व ट्रैक्टर से कहीं भी लेकर जा सकते है। उन्हें रोकने या टोकने वाला कोई नहीं है। यह बात क्षेत्र के किसान की गत सोमवार को खनन विभाग टीम द्वारा जब्त किए गए लाल बालू को लेकर हो रही है। युवा किसान मुकेश सिंह, मंटू सिंह, हेमंत सिंह, बिजेंद्र सिंह, अरविंद सिंह, सुमंत सिंह, रोहित सिंह, मनीष सिंह, बंधू सिंह, मंतोष सिंह, अरूण सिंह ने शिकायती पत्रक में आरोप लगाया है कि जयप्रकाशनगर क्षेत्र में कुछ इसी तरह का खेल विगत दो माह से पुलिस व खनन विभाग के मिलीभगत से चल रहा है।
लोगों का कहना है कि बैरिया पुलिस की मंशा है कि यह धंधा सिर्फ उन बालू माफियाओं के द्वारा चलता रहे, जो उन्हें मोटी रकम देते रहे। खनन या लाल बालू के व्यापार पर एनजीटी न्यायालय के स्टे आर्डर बाद भी बिहार से खनन कराकर यूपी में लाल बालू की सप्लाई की जा रही है। इससे प्रदेश सरकार को राजस्व का बड़ा नुकसान हो रहा है।
जयप्रकाशनगर के बीएसटी बांध पर नदी के तरफ जाने वाले रास्ते पर पुलिस का पहरा लगाया गया है। वहां एक भी ट्रैक्टर लाल बालू लेकर पास नहीं हो रहा है। जबकि चांददियर, टोला शिवनराय, बैरिया, इब्राहिमाबाद के रास्ते पर कोई रोक नहीं लगाई गई है, जहां से बालू माफियाओं का ट्रैक्टर व ट्रक आ जा रहे है। मामले की उच्चस्तरीय जांच की जयप्रकाशनगर के किसानों ने मांग की है।
क्षेत्राधिकारी बैरिया उमेश कुमार यादव ने बताया कि अवैध लाल बालू की तस्करी का मामला संज्ञान में आने के बाद बलिया की खनन टीम बैरिया प्रशासन के साथ मौके पर गई थी। वहां कई स्थानों पर डंप बालू को सीज किया गया है। प्रशासन पर लाल बालू की तस्करी कराने का आरोप गलत है। इस मामले की जांच कराई जा रही है।