मकान से पहले देश सेवा, माता-पिता ने किया सपोर्ट
बलिया। मूलरूप से चंदौली जनपद के पं. दीनदयाल उपाध्याय नगर निवासी दुर्गेश तिवारी पुत्र जय प्रकाश तिवारी वर्तमान में शहर कोतवाली में मुंशी पद पर तैनात हैं। यह अपने माता-पिता के इकलौता संतान है। इनके माता-पिता काफी बुढ़े हो चुके हैं। यह घर में कमाऊ सदस्य हैं। बताया कि माता-पिता के रहने के लिए छत नहीं है। मकान बनाने के लिए सब कुछ जुटा लिया था। लेकिन इसी बीच कोरोना का प्रकोप काफी बढ़ गया। तब मुझे मकान से पहले अपने वर्दी का फर्ज याद आया। मैंने अपने माता-पिता से कहा कि कोरोना को हराकर आऊंगा तो मकान बनवाऊंगा। जिसे मेरे माता-पिता ने भी सपोर्ट करते हुए देश सेवा के लिए हिम्मत दी।
भाई की किडनी खराब, फिर भी कोरोना हराने की जज्बा
बलिया। मूलरूप से भदोही जनपद के सरायहोला निवासी ऋषभ मिश्रा पुत्र अरूण मिश्रा वर्तमान में शहर कोतवाली में तैनात हैं। बताया कि मेरे बड़े भाई की किडनी खराब है। जिनकी दवा वाराणसी में चलती है। जिसे देखने की लालसा होती है। लेकिन कोरोना के चलते जा नहीं पा रहा हूं, क्योकि कोरोना को हम सबको मिलकर हराना है। उधर मेरा भाई भी अपने को देखने के बजाय कोरोना को हराकर आने के लिए हिम्मत देता है।
पत्नी की तबीयत खराब, फिर भी देतबलिया। शहर कोतवाली में तैनात प्रेमचंद्र दुबे पुत्र विजय नाथ दुबे मूलरूप से भदोही जनपद के थाना ज्ञानपुर क्षेत्र के भावल निवासी हैं। बताया कि मेरी पत्नी का ऑपरेशन हुआ है, वर्तमान में उसकी तबियत भी काफी खराब है। लेकिन कोरोना को हराने के लिए पत्नी से पहले देश सेवा करना अपना फर्ज समझा। जिसके लिए मेरी पत्नी व बच्चे भी हिम्मत देते हैं। जिससे काफी आत्मबल मिलता है। हम सब मिलकर कोरोना को निश्चित रूप से हराएंगे।
कोरोना को हराने के लिए प्रेगीनेंट के बाद भी दे रही ड्यूटी
बलिया। शहर कोतवाली स्थित महिला थाने में तैनात रिशु यादव पत्नी रविकांत यादव मूलरूप से वाराणसी जिले के कैंट थाना क्षेत्र के नदेश्वर की रहने वाली है। यह पांच-छह माह की प्रेगीनेंट है, अवकाश भी ले सकती है। लेकिन यह कोरोना को हराने के लिए ड्यूटी दे रही है। बताया कि घर से फोन आता है कि अवकाश लेकर चली आओ, लेकिन मुझे अपना फर्ज याद आता है। जिसके लिए मायके व ससुराल वाले भी हिम्मत दे रहे है।