जिले की कोई भी सीमा ऐसी नहीं बची जहां नहीं मिले हों कोरोना पॉजिटिव मरीज
सोमवार को सीमा पर सिर्फ गुड्स व मेडिकल इमरजेंसी वाले वाहनों को ही मिली इंट्रीअमर उजाला ब्यूरो
बलिया। जिला तीन तरफ से बिहार के जिलों से घिरा हुआ है। अभी जिले में कोई कोरोना पॉजिटिव मरीज सामने नहीं आया है, लेकिन अब कोई ऐसा रास्ता भी नहीं बचा जिस पर कोई कोरोना पॉजिटिव मरीज ना हो। ऐसे में जिले की सीमाओं को पूरी तरह से लॉक कर दिया गया है। मऊ सीमा को तो डबल सील कराया गया है। देवरिया से जिले को जोड़ने वाले भागलपुर पुल को भी सील कर दिया गया है। अब जिले में सिर्फ उन्हीं वाहनों को प्रवेश की अनुमति है जो या तो गुड्स कैरियर हैं या मेडिकल इमरजेंसी का मामला है।
जिले की सीमाएं तीन तरफ से गंगा व घाघरा की धारा व एक तरफ मऊ व गाजीपुर जनपद से मिलती हैं। गंगा के दूसरी तरफ बक्सर, भोजपुर व आरा जिले की सीमाएं लगती हैं तो घाघरा के दूसरी तरफ छपरा, सीवान व यूपी के देवरिया जनपद की सीमाएं लगती हैं। इन सभी जिलों में कोरोना पॉजिटिव मरीज सामने आ चुके हैं। ऐसे में प्रशासन ने जिले को बफर जोन घोषित करते हुए बहुत आवश्यक सेवाओं को छोड़कर अन्य कोई छूट नहीं देने का फैसला लिया है।
सोमवार को सुबह से ही पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी चक्रमण करते रहे और जगह-जगह चेकिंग कर कई वाहनों का ई-चालान किया। सीमाओं पर नो इंट्री रखी ही गई, इसके साथ नगर, तहसील, कस्बों आदि में भी बैरियर लगाकर वाहनों की गहनता से जांच की गई। केवल खाद्य सामग्री से लदे वाहन व एम्बुलेंस के अलावा सिर्फ उन्हें ही छोड़ा गया, जिनके पास सक्षम अधिकारी की ओर से जारी किया गया पास मौजूद था। शेष को बाहर से ही लौटा दिया गया। जिन्होंने आनाकानी की उनका ई-चालान किया गया। बक्सर सीमा पर भरौली गोलंबर, मऊ सीमा पर रसड़ा, भीमपुरा के अलावा उभांव, रेवती, मनियर, दोकटी व बैरिया थाना की सीमाओं पर पूरी चौकसी रखी गई। इसके अलावा जो भी वाहन चालक बिना मास्क मिले, उन्हें मास्क लगवाया गया। जिनके पास नहीं थे उन्हें गमछा बांधने के लिए प्रेरित किया गया। बेवजह सड़क पर घूमने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई। जिलाधिकारी द्वारा सीमाओं पर संक्रमित मरीज मिलने के कारण जिले में किसी भी प्रकार की कोई छूट नहीं दी गई है।
बलिया बफर जोन में है। एहतियातन यहां लॉकडाउन में किसी प्रकार की छूट नहीं दी गई है। जनता से अपील है कि वह जिला को कोविड-19 के खतरे से जिले को बचाने में प्रशासन के साथ सहयोगात्म रवैया अपनाए, जिससे जिले को सुरक्षित बचाया जा सके।
डॉ. विपिन जैन, आईएएस व नोडल अधिकारी (कोरोना)
बैंक, अस्पताल व कोटे की दुकानों पर सोशल डिस्टेंस का मखौल
बलिया। लाकडाउन को सख्ती से पालन कराने के लिए जिला प्रशासन से लेकर पुलिस महकमा ने पूरी तरह कमर कस ली है। इसके तहत सोशल डिस्टेसिंग का लोग पालन भी कर रहे हैं। लेकिन किसी भी बैंक, कोटे की दुकान व अस्पतालों में सोशल डिस्टेसिंग का पालन नहीं दिख रहा है। हालाकि बैंककर्मियों व कोटेदारों द्वारा सोशल डिस्टेंस के लिए चूना से गोले भी बनाए गए हैं, लेकिन लोग इसका पालन नहीं कर रहे हैं।
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