बलिया। कोरोना के मामले में जनपद काफी बेहतर स्थिति में है। यहां का रिकवरी रेट लगभग 85 प्रतिशत है। अब तक कुल पॉजिटिव केस 59 थे, जिनमें 49 ठीक होकर घर जा चुके हैं। वर्तमान में मात्र दस एक्टिव केस हैं। इसमें से महज दो एक एलटी और एक किशोरी को छोड़ सभी प्रवासी थे। जिले में अब तक कुल 43 हॉट स्पाट बने थे, जिनमें से सात ग्रीन जोन में शामिल हो चुके हैं। अब एक्टिव हॉट स्पाट की संख्या 36 है। यह जानकारियां जिलाधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही ने बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता में दी। उन्होंने बताया कि लगभग साढ़े तीन सौ सैंपल की जांच रिपोर्ट अभी नहीं आई। यदि उनमें कोई पॉजिटिव आता है तो हमारी मेडिकल टीम उसकी व्यवस्था के लिए पूरी तरह से तैयार है।
जिलाधिकारी ने कहा कि नगरीय क्षेत्र के आसपास जैसे अमृतपाली व तिखमपुर में पॉजिटिव केस का मिलना चिंताजनक है। इसके लिए विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। हमारा पूरा प्रयास है कि इसका प्रसार नहीं हो, लेकिन इसमें आम जनता का सहयोग सबसे ज्यादा जरूरी है। प्रवासियों की वजह से थोड़ी सेंसिटिविटी पैदा हुई है। पहली जून तक जिले में प्रवासी लोगों के आने का सिलसिला जारी था। उनका 21 दिन का होम क्वारांटीन पीरियड 22 जून को पूरा होगा। ऐसे में यह जरूरी है कि 22 जून तक विशेष सावधानी बरती जाए।
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प्रवासियों को दी जा रही राहत सामग्री
डीएम श्री शाही ने कहा कि कुल 70 हजार से आसपास लोग बाहर से आए। सभी को फॉलोअप करने के साथ हर परिवार को राहत सामग्री दी जा रही है। उनको एक हजार रूपए के रूप में तात्कालिक सहायता भी उनके खाते में एकाध दिनों में भेज दी जाएगी। इसके अलावा जिनका राशन कार्ड नहीं है उनका राशन कार्ड बनाकर जून व जुलाई महीने में फ्री राशन दिया जा रहा है। सभी प्रवासी लोगों की स्किल मैपिंग कर उनकी कुशलता के आधार पर रोजगार देने का भी प्रयास जारी है।
मनरेगा योजना रोजगार का बड़ा जरिया
जिलाधिकारी ने कहा कि इस संकट में मनरेगा योजना रोजगार की बड़ा जरिया बनकर उभरी है। वर्तमान में 70 हजार से अधिक श्रमिक इसमें काम कर आय प्राप्त कर रहे हैं, जिनमें प्रवासी मजदूरों की भी संख्या अधिक है। हमारा प्रयास है यह संख्या एक लाख से पास पहुंच जाए। अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ा जाए ताकि उनके भरण पोषण में कोई दिक्कत न हो। रोजगार देने के साथ इस बात का भी ख्याल रखा जा रहा है जो कार्य हो रहा है वह कारगर हो और आम जनता के लिए उपयोगी हो। मनरेगा मजदूरों का भुगतान भी हप्ते से दस दिन में करने की व्यवस्था की गयी है। अन्य विभागों से समन्वय बनाकर अधिक से अधिक कार्य के सृजन पर भी हमारा फोकस है। इस दौरान सीडीओ बद्रीनाथ सिंह, संयुक्त मजिस्ट्रेट अन्नपूर्णा गर्ग, बीएसए शिवनारायण सिंह मौजूद थे।