इस हमले में अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर प्रीतम कुमार पांडे और डॉक्टर शरद कुमार के अलावा स्वास्थ्य कर्मी किशन कुमार और रिजवान घायल हो गए। महिला के परिजनों ने चिकित्सकों के चार पहिया वाहन भी क्षतिग्रस्त कर दिए। उन्होंने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही वह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इस संबंध में मामला दर्ज किया जाएगा।
फेफना थाना प्रभारी संजय त्रिपाठी ने बताया कि महिला की मौत से नाराज उसके परिजन शव को अपने साथ ले जाने पर अड़ गए और चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और सरकारी मुआवजे की मांग करने लगे। उन्होंने बताया कि परिजन का आरोप है कि वे महिला को लेकर जब सरकारी अस्पताल पहुंचे, तो तकरीबन आधे घंटे तक उसे भर्ती नहीं किया गया और भर्ती होने के एक घंटे बाद उसे ऑक्सीजन दी गई। इस तरह इलाज में लापरवाही की गई, जिसकी वजह से महिला की मौत हो गई।
बहरहाल, पुलिस के काफी प्रयास के बाद परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने को तैयार हुए। त्रिपाठी ने बताया कि मृत महिला के परिजन को मामले की जांच और नियमों के अनुसार मुआवजा राशि देने का भरोसा दिया गया है।