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यूपी: कोरोना से महिला की मौत के बाद आक्रोशित हुए परिजन, चिकित्सकों से की मारपीट, कोविड अस्पताल में तोड़फोड़ की

Sun, 09 May 2021 03:42 PM IST
गीतार्जुन गौतम अमर उजाला नेटवर्क, बलिया

सार

महिला की मौत के बाद उसके परिजन आक्रोशित हो गए। उन्होंने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की टीम पर हमला कर दिया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में तोड़-फोड़ भी की।
 
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : amarujala
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विस्तार
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बलिया जिले के फेफना क्षेत्र में एक सरकारी अस्पताल में कोरोना से संक्रमित बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। इससे नाराज परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग की टीम पर रविवार तड़के हमला कर दिया। इस दौरान दो चिकित्सकों समेत चार स्वास्थ्यकर्मी घायल हो गए।

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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि सरकारी कोविड अस्पताल में तड़के तीन बजे पकड़ी थाना क्षेत्र के रामा पाली गांव की रहने वाली बादामी देवी(65) को लेकर उसके परिजन पहुंचे। कोरोना वायरस से संक्रमित इस महिला की हालत गंभीर थी। उन्होंने बताया कि अस्पताल के चिकित्सकों ने महिला की स्थिति को देखा और उसे फौरन भर्ती कर लिया, मगर ऑक्सीजन देते समय उस महिला की मौत हो गई।

प्रसाद ने बताया कि महिला की मौत के बाद उसके परिजन आक्रोशित हो गए। उन्होंने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की टीम पर हमला कर दिया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में तोड़-फोड़ भी की।

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इस हमले में अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर प्रीतम कुमार पांडे और डॉक्टर शरद कुमार के अलावा स्वास्थ्य कर्मी किशन कुमार और रिजवान घायल हो गए। महिला के परिजनों ने चिकित्सकों के चार पहिया वाहन भी क्षतिग्रस्त कर दिए। उन्होंने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही वह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इस संबंध में मामला दर्ज किया जाएगा।

फेफना थाना प्रभारी संजय त्रिपाठी ने बताया कि महिला की मौत से नाराज उसके परिजन शव को अपने साथ ले जाने पर अड़ गए और चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और सरकारी मुआवजे की मांग करने लगे। उन्होंने बताया कि परिजन का आरोप है कि वे महिला को लेकर जब सरकारी अस्पताल पहुंचे, तो तकरीबन आधे घंटे तक उसे भर्ती नहीं किया गया और भर्ती होने के एक घंटे बाद उसे ऑक्सीजन दी गई। इस तरह इलाज में लापरवाही की गई, जिसकी वजह से महिला की मौत हो गई।
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बहरहाल, पुलिस के काफी प्रयास के बाद परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने को तैयार हुए। त्रिपाठी ने बताया कि मृत महिला के परिजन को मामले की जांच और नियमों के अनुसार मुआवजा राशि देने का भरोसा दिया गया है।
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