जांच टीम का द्वारा परिचय और जानकारी देने के बाद भी पुलिस ने ड्राइवर व गाड़ी पर डंडा चला दिया। इसके साथ ही टीम के सदस्यों और ड्राइवर को गालियां भी दी। जबकि उन पुलिसकर्मियों को बार-बार बताया गया कि हम लोग गंभीर मरीजों का सैंपल लेने जा रहे हैं।
कोविड जांच टीम के मंडल अध्यक्ष ने कहा कि जब तक दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई नहीं होगी, तब तक जनपद में कोविड से जुड़ी कोई भी टीम और कर्मचारी कार्य नहीं करेगा। इसके बाद आक्रोशित स्वास्थ्यकर्मियों ने अपने कार्यों का बहिष्कार करते हुए सीएमओ को मामले की सूचना दी।
कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने को लेकर करीब एक पखवारा से अधिक समय से जिले में कोरोना कर्फ्यू लागू है। लेकिन इसके बावजूद बाजारों में भारी भीड़ हो रही है। कोरोना कर्फ्यू में केवल आवश्यक सेवाओं को ही छूट है लेकिन बाजार में कमावेश सभी तरह की दुकानें खोल कर खरीद बिक्री की जाती है।
गुरुवार को तो 10 से लेकर 12 बजे तक चित्तू पांडेय चौराहा पर रुक-रुक जाम लगता रहा जिससे कोरोना से बचाव के नियम ध्वस्त हो गए। सब्जी बाजार के अलावा अन्य बाजारों में इस कदर भीड़ रही कि सोशल डिस्टेंसिंग भी तार-तार हो गया। इतना ही नहीं शहर के हर मार्ग पर कमोवेश यही स्थिति रही। बाजार में अधिकांश दुकानों से खरीद बिक्री होती रही।