बैरिया। दयाछपरा और नौरंगा के बीच गंगा नदी पर बना पीपा का पुल शनिवार को हटा लिया गया। हालांकि यह अपनी निर्धारित अवधि से 12 दिन विलंब से हटाया गया है।
इससे नौरंगा ग्राम पंचायत के छह-सात गांवों की लगभग 30 हजार आबादी का तहसील मुख्यालय से संपर्क कट गया है। इन ग्रामीणों को अब नदी में नाव का सहारा लेना पड़ेगा।
वैकल्पिक रूप से, उन्हें 45 किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाकर जनेश्वर मिश्र सेतु के रास्ते बैरिया तहसील या थाना आना होगा। यह स्थिति अगले साल जनवरी तक बनी रहेगी। पुल अपनी निर्धारित अवधि से लगभग साढ़े चार महीने विलंब से बना था।
नियमानुसार इसे 15 अक्तूबर को यातायात के लिए चालू कर देना चाहिए था। लेकिन लोक निर्माण विभाग ने गंगा का पाट चौड़ा होने का हवाला दिया। पुल को 15 जनवरी के बाद ही लोगों के आवागमन के लिए खोला गया।
कनिष्ठ अभियंता शिवमोहन ने बताया कि नदी में पानी के बढ़ाव को देखते हुए पुल खोला गया है। पीपा को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है।