बलिया। जनपद में एक तरफ सरयू तो दूसरी तरफ गंगा बहती है। दोनों नदियों काे पार करने के बाद बिहार की सीमा शुरू हो जाती है। लोक निर्माण विभाग की गंगा और सरयू में आठ माह के लिए तीन पीपा पुल का निर्माण कराता है, लेकिन इस बार पुलों के निर्माण में देर हो सकती है। पीडब्ल्यूडी अभी पुल निर्माण के लिए अनुकूल परिस्थतियों का इंतजार कर रहा है। जिले की लगभग 40 हजार की आबादी वाला गांव नौरंगा गंगा उस पार बसा है। इस गांव के लोगों को अपने ही जिला मुख्यालय पर आने के लिए बिहार के आरा भोजपुर व बक्सर होते हुए 120 किमी की दूरी तय करनी पड़ती है। यहा फिर नाव ही सहारा होती है। गांव के सामने पीपा पुल बन जाने पर जिला मुख्यालय की दूरी मात्र 30 किलोमीटर हो जाती है। यहां के लोगों की सहूलियत के लिए हर साल लोक निर्माण विभाग की ओर से पीपा पुल का निर्माण कराया जाता है। पीपा पुलों की अवधि 15 नवंबर से 15 जून तक होती है। इस स्थान पर अभी तक पीपा पुल का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। हालांकि विभाग टेंडर आदि की कवायद में जुटा है।
सिकंदरपुर के खरीद-दरौली में भी पीपा पुल का निर्माण होता है। पुल के क्षतिग्रस्त वड स्लीपर आदि बदलने के लिए पिछले महीनों शासन ने करोड़ों की धनराशि भी स्वीकृत की थी। अभी यहां के लिए भी कवायद होनी है। शहर से सटे गंगा में माल्देपुर में पीपा पुल तैयार किया जाता है। लोक निर्माण विभाग निर्माण के एक्सईएन केशरी प्रसाद ने बताया कि विभाग के पास पीपे कम हैं। अभी नदियों का पाट गहरा और धार ज्यादा है। नदिया जैसे ही पेटे में जाएंगी पुल का निर्माण शुरू करा दिया जाएगा।