नगर के रामलीला मैदान में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के नेतृत्व में भारतीय नववर्ष 2074वीं चैत्र शुक्ल प्रतिपदा की पूर्व संध्या पर पथ संचालन का आयोजन किया गया। इसमें स्वयं सेवकों की काफी भीड़ जुटी।
पथ संचलन रामलीला मैदान से निकलकर शीशमहल, चित्तू पांडेय, विशुनीपुर, गुरूद्वारा रोड, चौक, लोहापट्टी, गुदरी बाजार, स्टेशन रोड, विजय सिनेमा रोड होते हुए पुन: रामलीला मैदान पहुंचा। जहां साल में एक बार होने वाले आद्यसरसंघचालक प्रणाम कार्यक्रम में सभी स्वयं सेवकों ने हिस्सा लिया। इसके उपरांत जनसभा को संबोधित करते हुए झारखंड प्रांत के धर्म जागरण प्रमुख शिवमूर्ति ने कहा कि भारतीय काल की गणना के अनुसार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा भी ऐसा विलक्ष्ण उदाहरण है। पृथ्वी संपूर्ण इतिहास की कुंजी मनवंतर की आयु 30 करोड 67 लाख 20 हजार 32 वर्ष होती है। इस पृथ्वी का संपूर्ण इतिहास चार अरब 32 करोड़ वर्ष का है। इसके मनवंतर बीत चुके हैं और सातवां बैवस्त मनवंतर चल रहा है।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के संस्थापक आद्यसरसंघचालक डा. केशव बलिराम हेडगेवार का जन्म आज से 128 वर्ष पूर्व हुआ था। संघ की संस्थापना के प्राय: 92 बीत चुके हैं। उन्होंने सभी स्वयंसेवकों एवं गणमान्यों को नववर्ष की शुभकामना देते हुए भारत की एकता, अखंडता और सुख समृद्धि के लिए कामना की। इस मौके पर पथ संचलन के दौरान रास्ते में जगह-जगह लोगाें ने पुष्प वर्षा कर भारत माता के जय के उद्घोष कर रहे थे। इस मौके पर डॉ. मुरली मनोहर श्रीवास्तव, संजय शुक्ल, गिरीश नारायण चतुर्वेदी, सूरजीत, अजीत पांडेय, डॉ. विनोद सिंह, सुरेश राय, निर्भय, श्रवण, संजय कश्यप, तारकेश्वर, अखिलेश, मोतीचंद्र गुप्ता आदि लोग मौजूद रहे।