आरोप है कि शाम को दूसरी आंख पर पट्टी बांधकर और अगली सुबह दवा डाल कर घर भेज दिया गया। इस तरह की शिकायत कई आयुष्मान कार्डधारकों ने भी मौखिक रूप से दर्ज कराई है। दूसरे मरीजों के अनुसार, शिकायत दर्ज कराने पर अस्पताल के चिकित्सक ने ग्लूकोमा का हवाला देकर ऑपरेशन की बात कही थी। तेज नारायण सिंह व अन्य मरीजों ने आरोप लगाया कि इस अस्पताल के एजेंट ग्रामीण क्षेत्रों में कैंप लगाते हैं।
आयुष्मान कार्ड धारकों कों नि:शुल्क ऑपरेशन का झांसा देकर खुद के वाहन से अस्पताल लाते हैं। इस शिकायत पर तत्कालीन प्रभारी सीएमओ डॉ. विजय यादव ने अस्पताल के प्रबंधक को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया था। जांच के लिए दो सदस्यीय टीम का गठन किया है। टीम में जिला आयुष्मान प्रभारी अनुपम सिंह व जिला अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. धर्मेंद्र कुमार शामिल है।
फर्जीवाड़े पर ईडी मार चुकी है छापा
झारखंड में आयुष्मान भारत योजना से बिना इलाज के फर्जी बिल लगाकर लाखों रुपये का भुगतान करवाने के मामले में चार अप्रैल को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की 15 सदस्यीय तीन टीमों ने खेजुरी बाजार स्थित मकान और दुकान पर छापा मार कर पत्रावलियों को ले गई थी।
बोले अधिकारी
मरीज की शिकायत पर गठित टीम मामले की जांच पड़ताल कर रही है। जांच रिपोर्ट आने पर शासन को अवगत कराने के साथ ही दोषी मिलने पर अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई होगी। - डॉ. संजीव वर्मन, सीएमओ