जनपद के 6141 किसानों को फसल बीमा योजना के तहत बतौर दूसरी किश्त कुल पांच करोड़ 16 लाख 50 हजार की धनराशि मिलेगी। हालांकि किसानों को पहली किश्त के तौर पर चार माह पहले ही 25 फीसदी का भुगतान कर दिया गया था।
वर्ष 2016 में गंगा में आई भीषण बाढ़ ने जिले में खूब तबाही मचाई थी। आलम यह रहा कि गंगा किनारे के अधिकांश गांव बाढ़ से प्रभावित हुए और कई गांव तो कई दिनों तक पानी से घिरे रहे। इसके अलावा गंगा के बाढ़ का असर तटवर्ती गांवों के अलावा भीतरी गांवों तक रहा और हजारों एकड़ खरीफ की फसल बर्बाद हो गई। बाढ़ के बाद भारत सरकार की ओर से फसल बीमा योजना की शुरुआत की गई। वर्ष 2016 में इस योजना के तहत कुल 27 हजार 795 किसानों का बीमा कराया गया।
अधिकारियों के सर्वे में बाढ़ प्रभावित इलाके के कुल छह हजार 141 बीमित किसान दायरे में आए और उनको बीमा राशि स्वीकृत करने की संस्तुति की गई। इन किसानों के लिए बतौर क्षतिपूर्ति कुल छह करोड़ 85 लाख 71 हजार 130 रूपये की स्वीकृति की गई। फसल बीमा योजना के प्रावधान के अनुसार बीमा की राशि स्वीकृत होने के बाद पहली किश्त के तौर पर 25 फीसदी धन चार माह पहले किसानों को कुल एक करोड़ 69 लाख 21 हजार 130 रुपये 74 पैसे का भुगतान किया गया। इसके बाद आचार संहिता लागू होने के कारण धनराशि जारी पर रोक लग गई और आचार संहिता समाप्त होते ही शासन ने किसानों को दूसरी किश्त में मिलने वाली 75 फीसदी कुल पांच करोड़ 16 लाख 50 हजार की धनराशि उपलब्ध कराई है।