बलिया। कलेक्ट्रेट के अंदर दशकों से चाय, पान और लिट्टी-चोखा, स्टांप, जनसेवा केंद्र, फोटो स्टेट समेत आदि की दुकानों की प्रशासन की तरफ से नीलामी की पहल करने पर दुकानदारों में आक्रोश बना हुआ है। इसके विरोध में बुधवार को दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर प्रशासन के जिलाधिकारी व सिटी मजिस्ट्रेट को पत्रक सौंपा। दुकानें बंद होेने से कलेक्ट्रेट में आने वालों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दुकानदारों ने कहा कि किराया में हर वर्ष की तरह मामूली वृद्धि कर वसूली करें, जिससे हम सभी का परिवार चल सकें। कलेक्ट्रेट की गुमटियों में सौ से अधिक दुकानें संचालित होती है। इन दुकानों पर कचहरी आने वालों को काफी काम आसान हो जाता है। दुकानदारों का आरोप था कि तीन दिन पहले सिटी मजिस्ट्रेट के साथ हुई बैठक में नीलामी करने की पहल की गई। जिसका हम सभी ने विरोध किया था।
नीलामी की रकम हम दुकानदार बहन नही कर सकेंगे। दुकानदारों ने मांग किया कि मामूली शुल्क वृद्धि कर हम सभी से वसूल किया जाए, जिससे हम सभी की रोजी चल सके। इस मौके पर दुकानदार जितेंद्र कुमार पांडेय, हरेंद्र मिश्रा, चुन्नू खरवार, भीम गिरि, कृष्ण मोहन, विजय कुमार श्रीवास्तव, सोनू, अरुण, बरमेश्वर मिश्रा, भोला नाथ वर्मा, वीरेंद्र पांडेय, श्रीकांत तिवारी आदि मौजूद रहे।
सिटी मजिस्ट्रेट आसाराम वर्मा ने कहा कि प्रशासन की तरफ से दुकानदारों के पत्रक पर विचार किया जा रहा है। उच्चाधिकारी के निर्देश पर आगे की प्रक्रिया होगी।
सप्ताह में दो दिन छुट्टी ही रहती है। ऐसे में माह में कई दिन छुट्टी में चला जाता है। फोटो स्टेट की दुकान से परिवार को खर्च चलता है। प्रशासन यह भी छीनने की तैयारी में है। हम सभी चाहते है कि मामूली वृद्धि कर शुल्क जमा कराया जाए। -सोनू, स्टेशनरी दुंकानदार।
दो दशक से दुकानों का संचालन कर रहा हूं। परिवार की जीविका इसी कमाई से चलती है। आय का कोई अन्य संसाधन नहीं है। ऐसे में प्रशासन की नीलामी की फरमान से हम बेरोजगार हो जाएंगे। -अरुण कुमार, स्टेशनरी दुकानदार।