बलिया। लखनऊ के एक कोचिंग संस्थान में लगी आग की घटना के बाद प्रशासनिक गतिविधियां जिले में बढ़ने से कोचिंग संस्थानों पर ताला लटका है। इसके कारण टीईटी की परीक्षा देने की तैयारी में जुटे छात्रों के सामने दिक्कत है। एकाएक कोचिंग संस्थानों पर ताला लगने से उनकी तैयारी अधूरी है।
2 जुलाई से टीईटी की परीक्षा होनी है। परीक्षा की शुरुआत होने में मात्र तीन दिन बचे हैं। जिस समय उन्हें कोचिंग संस्थानों के शिक्षकों की जरूरत है, ठीक उसी समय जिले की कोचिंग संस्थानों की चेकिंग होने लगी। सुरक्षा मानक को लेकर प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया है।
जिले में कोचिंग संस्थान मानक को पूरा नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में प्रशासन की कार्रवाई के भय से बंद कर दिए है। कम समय में तैयारी को लेकर छात्र आनलाइन ही शिक्षकों से संपर्क कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि परीक्षा के 10-15 दिन काफी महत्वपूर्ण होते है।
कोचिंग अचानक बंद होने से हम विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित हो गई है। परीक्षा की तैयारी में कम समय बच गया था, ऑॅनलाइन का सहारा लिया जा रहा है।
-कृष्ण मुरारी साहनी।
सभी विद्यार्थियों का कोचिंग बंद होने से अध्ययन प्रभावित हुआ है। दो-तीन दिन तक समझ में नहीं आया की क्या किया जाय। शिक्षकों से संपर्क कर किसी तरह तैयारी को अंतिम रूप दिया जा रहा है। - आकाश कुमार।
कोचिंग संस्थान बंद होने से टीईटी की तैयारी में बाधा आ गया है। तैयार को पूर्ण करने के लिए शिक्षकों से आनलाइन ही काम चलाया जा रहा है लेकिन यह पर्याप्त नहीं है।
-सोनाली सिंह।
कोचिंग बंद होने से तैयारी पर असर पड़ रहा है। नियमित पढ़ाई, अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन और समय-समय पर होने वाले टेस्ट नहीं मिल पा रहे हैं। ऑनलाइन स्टडी का विकल्प है सहायक मात्र है, प्रभावी नहीं। पूजा कन्नौजिया