जिला अस्पताल में व्याप्त विभिन्न समस्याओं को लेकर भड़के छात्रों ने बुधवार को जिला अस्पताल पहुंचकर काफी हंगामा किया। छात्रों ने सीएमएस को बंधक बनाकर वार्डो में जबरदस्ती घुमाया। हालांकि इस दौरान उनके हंगामे से से मरीज और तीमारदारों को काफी परेशानी सहनी पड़ी। सीओ सिटी के हस्तक्षेप के बाद छात्रनेता शांत हुए।
नगर के महाविद्यालयों के दर्जनों छात्र जिला अस्पताल में व्याप्त समस्याओं के विरोध को मुख्य चिकित्साधिकारी का घेराव करने पहुंचे। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. पीके सिंह के नदारद होने पर छात्र मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. पीएन नाडर को बंधक बनाकर उन्हें नए भवन के विभिन्न वार्डों का भ्रमण कराया।
हालांकि मरीजों और डाक्टरों का आरोप है कि इस दौरान छात्रनेताओं ने वार्डों में जमकर उत्पात भी मचाया। छात्रनेता अस्पताल में भर्ती मरीजों के तीमारदारों से पर्ची छीनकर बाहर की लिखी गई दवाएं दिखा रहे थे। जबकि मरीजों का कहना है कि उन्होंने खुद ही चिकित्सकों से अनुरोध कर बाहर की दवा लिखवाई थी।
जबकि कुछ मरीजों ने छात्रों का समर्थन करते हुए बाहर की लिखी सुई-दवा की शिकायत सीएमएस से की। इतना ही नहीं डाक्टरों का कहना है कि छात्रों ने सीएमएस कक्ष में जमकर उत्पात मचाया। इस दौरान पत्रकारों से भी अभद्रता की गई।
छात्रों का ये व्यवहार बेहद आपत्तिजनक है। इस तरह वार्डों में जाकर हंगामा करने से गंभीर रूप से बीमार मरीजों की जान खतरे में पड़ सकती है। इस तरह हंगामा करने वाले छात्रों का मकसद केवल अपनी राजनीति चमकाना है न कि अस्पताल और मरीजों का भला करना। - -डा. पीएन नाडर (सीएमएस)