इंदरपुर । नगरा थाना क्षेत्र के खैरा निस्फी निवासी सेवानिवृत्त दरोगा सुरेश यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी आजमगढ़ ने एससपी आजमगढ़ व एसपी बलिया को पत्र लिखा है।
फर्जी तरीके से दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनवा कर सरकारी धन व राजस्व के नुक़सान का आरोप लगाया है। इसके पहले सीएमओ ने जांचोपरांत सेवानिवृत्त दरोगा का दिव्यांगता प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया है।
हसनपुर उर्फ बछईपुर हाल मुकाम खैरानिस्फी निवासी जयकरण यादव का सेवानिवृत्त दरोगा सुरेश यादव के बीच लंबे समय से भूमि विवाद चलता है। उन्होंने जिलाधिकारी आजमगढ़ को शिकायती पत्र देकर उल्लेख किया था कि सुरेश यादव ग्राम खैरानिस्फी पुलिस की नौकरी कर दरोगा पद से वर्ष 2019 में रिटायर हो चुके हैं। वह पूरी तरह से स्वस्थ हैं, लेकिन आजमगढ़ सीएमओ कार्यालय से अधिकारी व स्टाफ से मिल कर दिव्यांगता प्रमाण पत्र फर्जी तरीके से बनवाएं हैं। जिसका फायदा शासकीय विभागों से प्राप्त कर रहा है।
प्रमाण पत्र बनवाने का पता सम्मन सेल न्यायालय आजमगढ़ का दिया है। 2021 में प्रमाण पत्र ऑनलाइन होने पर इसकी जानकारी पड़ोसी को हुई। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी आजमगढ़ ने सीएमओ आजमगढ़ को विधिक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इसके बाद सीएमओ ने अभियोग पंजीकृत करने के लिए एसएसपी को पत्र लिखा है।
इस बाबत सीएओ आजमगढ़ डॉ. अशोक कुमार ने कहा कि एक शिकायत पर दिव्यांग प्रमाण पत्र की जांच कर निरस्त किया गया। साथ आरोपी व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए एएसपी आजमगढ़ व एसपी बलिया को पत्र भेजा गया है।