बांसडीह। मानवाधिकारवादी चितरंजन सिंह के पैतृक गांव सुल्तानपुर में बुधवार को सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने चितरंजन सिंह विचार केंद्र का शिलान्यास किया। इसके साथ ही उन्होंने एक सामुदायिक शौचालय का भी शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने गांव में चितरंजन सिंह की स्मृति में शवदाहगृह के निर्माण की भी घोषणा की। इस मौके पर भाजपा नेत्री केतकी सिंह भी मौजूद रहीं।
सांसद मस्त ने कहा कि चितरंजन व्यक्ति नहीं विचार थे। उनके साथ के लोग उन्हें चलते-फिरते आंदोलन की संज्ञा देते थे। हमारे लिए तो वे अभिभावक की तरह थे और जब भी जरूरत पड़ती थी चट्टान की तरह साथ खड़े मिलते थे। चितरंजन के जाने से जो कमी हुई है, उसकी पूर्ति निकट भविष्य में संभव नहीं है। सांसद मस्त ने गांव वालों के साथ किसान मोर्चा के जिला महामंत्री आशीष सिंह की मांग पर चितरंजन सिंह के नाम पर एक प्रवेश द्वार बनाने का भी आश्वासन दिया। उन्होंने कटान पीड़ित ग्रामीणों की मांग पर घाघरा की कटान को रोकने के लिए सीडीओ से फोन पर वहीं से बात की और तत्काल सर्वे कराकर रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजने को कहा। सीडीओ ने दो दिन के भीतर सर्वे कराने का आश्वासन दिया। इस दौरान ग्राम प्रधान प्रतिनिधि विजय चौधरी, प्रधानाचार्य डॉ. अखिलेश सिन्हा, विवेक सिंह, पूर्व एसडीएम जगतनारायण सिंह, रविन्द्र सिंह, अजीत सिंह, राजेश सिंह, व्यास सिंह, रजनीश सिंह, रामप्रकाश सिंह व ओमप्रकाश उपाध्याय आदि उपस्थित थे।