सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं आजमगढ़ के सांसद मुलायम सिंह यादव और सूबे के मुखिया अखिलेश यादव ने आजमगढ़ में बंद पड़ी चीनी मिल को आरंभ करने के लिए चार सौ करोड़ रुपये दिए।
बलिया की एकलौता चीनी मिल को आरंभ करने के लिए फूटी कौड़ी भी नहीं दी। इससे जाहिर होता है कि प्रदेश सरकार बलिया के बजाय आजमगढ़ का विकास करना चाहती है। ये बातें भाजपा के पूर्व विधायक रामइकबाल सिंह ने सोमवार को रसड़ा के डाक बंगले में प्रेसवार्ता के दौरान कही।
कहा कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रसड़ा चीनी मिल को चालू कराने की घोषणा की थी, बावजूद मिल अब तक आरंभ नहीं हो सकी। इसके चलते चीनी मिल के कर्मचारियाें की स्थिति बदतर हो गई है।
किसान गन्ना औने-पौने दामाें पर बेचने को विवश हैं। कुछ किसान गन्ना की खेती करना ही छोड़ दिए हैं। रसड़ा की कताई मिल भी बंद है।
बेरोजगार नौजवान चीनी और कताई मिल में कार्य कर परिवार का पेट पालने का काम करते थे। मिलों के बंद होने से यहां के लोगों को अन्य प्रांतों में कार्य करने को विवश होना पड़ रहा है।
अन्य समस्याओं को भी गिनाया। चेताया कि प्रदेश सरकार कार्य पूर्ण नहीं करती है तो 24 फरवरी से क्षेत्र के प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र पर भाजपा के कार्यकर्ता स्टिंग आपरेशन चलाकर प्रदेश सरकार के काले कारनामे को उजागर करेंगे।