चीन की हरकत और 20 सैनिकों की शहादत पर पूरा देश गम और गुस्से में हैं। इसको लेकर बुधवार को विभिन्न वर्ग के लोगों और खासकर पूर्व सैनिकों में काफी रोष है। विभिन्न संगठनों की ओर से जहां जगह-जगह चीनी राष्ट्रपति का पुतला फूंक कर विरोध जताया गया वहीं पूर्व सैनिकों ने इसका बदला लेने की मांग की। पूर्व सैनिकों का कहना है भारतीय सेना कहीं से भी चीनी सेना से कमजोर नहीं है और इसे सबक सिखाना जरुरी है। सेवानिवृत्त होने के बाद भी भूतपूर्व सैनिक चीनी सेना से युद्ध करने के लिए बेताब हैं।
एलएसी पर चीनी हरकत को लेकर व्यापारियों में काफी रोष है। व्यापारियों ने कहा कि धोखेबाज देश चीन का कोई भी सामान बेचना अब गुनाह लग रहा है। व्यापारी नेता संजीव कुमार डंपू ने कहा कि चीनी सामान को बहिष्कार करने के लिए लोगों को जागरूक भी किया जाएगा।
रसड़ा: भूतपूर्व सैनिकों ने कहा कि चीनी सैनिकों द्वारा कायरता पूर्ण तरीके से भारतीय सैनिकों पर हमला करके कायरतापूर्ण एवं निंदनीय काम किया है। भूतपूर्व सैनिक संघ के अध्यक्ष तेज बहादुर सिंह ने शहीद सैनिकों को नमन करते हुऐ कहा कि उन सैनिकों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। भारत को भी मुंहतोड़ जबाब देना चाहिए। हम सब भी चीन से दो-दो हाथ करने के लिये बेताब हैं। युद्ध शुरू हुआ तो हम सब भी युद्ध करने के लिए तैयार हैं। राहुल प्रियंका सेना के सदस्यों ने बुधवार को अधिवक्ता अमित चौबे के नेतृत्व में चीनी राष्ट्रपति एवं चीनी सामानों का पुतला दहन किया। पुतला दहन करने वालों में प्रभुजी, बलराम, अरविंद, संतोष वर्मा, रामकुमार, महेश आदि रहे।
चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग का पुतला फूंका
हल्दी थाना क्षेत्र के हुकुम छपरा काली मंदिर के सामने बुधवार को क्षेत्रवासियों ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का पुतला फूंक कर विरोध जताया। लोगों ने जनता से अपील की कि चीनी सामानों का बहिष्कार कर स्वदेशी सामानों का प्रयोग करें ताकि उसे आर्थिक रूप से भी कमजोर किया जा सके। इस मौके पर ग्राम प्रधान श्याम कैलाश, डॉ राजकुमार उपाध्याय, अभि मिश्र, राहुल कुमार, अनिल कुमार चौधरी, आत्मानंद सिंह, देवतानंद सिंह, रामजी सिंह, आनंद सिंह, गुड्डू खरवार, मुन्ना कुमार, हरेंद्र कुमार यादव, राहुल कुमार यादव, मुन्ना ठाकुर आदि रहे।
घोघा: गलवा घाटी में एलएसी पर कर्नल समेत 20 भारतीय जवान के शहीद होने पर व्यापार मंडल अध्यक्ष बांसडीह विजय कुमार गुल्लर के नेतृत्व में बुधवार को एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान व्यापारियों ने शहीदों के सम्मान में कैंडल जलाकर शोक संवेदना व्यक्त किया।
व्यापार मंडल अध्यक्ष श्री गुल्लर ने व्यापारियों का आह्वान करते हुए कहा कि हम व्यापारी चीनी वस्तुओं का बहिष्कार करें। इस मौके पर मनोज कुमार साहू, राजेश कुमार गुप्ता, गोपाल गुप्ता, विजय कुमार गुप्ता, संतोष कुमार गुप्ता, अनिल सोनी, संजय गुप्ता आदि रहे। उधर, पूर्व सैनिक एवं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता शशिकांत सिंह ने शहीद हुए भारतीय सैनिकों के सम्मान में अपने पैतृक गांव राजा गांव खरौनी में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन कर हुए पुष्प अर्पित किया।
भीमपुरा: किड़िहरापुर स्थित नहर कॉलोनी के डाक बंगले पर बुधवार को पूर्व मंडल अध्यक्ष धर्मदेव सिंह के नेतृत्व में बुधवार को भाजपा कार्यकर्ताओं ने भारत-चीन सीमा पर शहीद देश के जवानों को श्रद्धांजलि दी। इसके साथ ही चायनीज सामानों के बहिष्कार के लिए शुक्रवार को जलूस निकालने का निर्णय लिया। इस मौके पर रोमित सिंह, विपिन मिश्रा, मनोज मिश्रा, रमेश यादव, बृजेश सिंह, प्रिंस सिंह, श्रीनारायण राजभर, सुरेंद्र चौहान, चुनमुन सिंह आदि रहे।
कांग्रेसियों ने शहीद सैनिकों को दी श्रद्धांजलि
भारत-चीन एलएसी पर हुई झड़प में शहीद हुए सैनिकों को बुधवार को कांग्रेसियों ने श्रद्धांजलि दी। इस बाबत जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यालय में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में वीर गति को प्राप्त हुए सैनिकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। इस अवसर पर ओम प्रकाश पांडेय, राष्ट्र कुंवर सिंह , बृजेश सिंह गाट, भैया लल्लू सिंह, फूल बदन तिवारी, रामधनी सिंह, ओमप्रकाश तिवारी, विपिन पांडे, गिरीश कांत गांधी,श्रीनिवास यादव, धनंजय यादव, अबुल फैज, बंटी मिश्रा, अंकित सिंह, निर्मला वर्मा, संजय कुमार, रविंद्र, रियाज, गुलेर अहमद, पीएन शुक्ला, कुमार साहेब ,रविन्द्र कुमार आदि रहे।
चीन सीमा पर दो वर्षों तक ड्यूटी कर चुके 90 वर्षीय गोंहियाछपरा निवासी सुवेदार पद से रिटायर्ड भरत सिंह ने कहा कि जगह का तो नाम नहीं पता लेकिन सिक्किम के सामने पहाड़ी पर हमने ड्यूटी किया था। उस समय चीन सैनिकों के साथ कभी कभार पत्थरबाजी व धक्कामुक्की तक हो जाती थी लेकिन कभी गोली नहीं चली थी। उस समय वहां सिर्फ जंगल व पहाड़ी था इसके सिवा वहां कुछ नहीं था। इसके अलावा चीनी सैनिक ऊंचाई पर थे और हम काफी नीचे जिसका फायदा चीनी सैनिक उठा लेते थे। लेकिन अब हालात बदल गए हैं रास्ते बन गए हैं, हम काफी मजबूत स्थिति में होंगे। बुजुर्ग हो चुके भरत सिंह ने भोजपुरी में कहा कि तबो पीठिया देत रहनी हा जा अबहू मौका मिली त पीठिया देब। इसी तरह गोन्हियाछपरा निवासी सूबेदार पद से सेवानिवृत्त 85 वर्षीय बच्चानन्द सिंह ने कहा 1962 कि लड़ाई में रेडियो आपरेटर पद पर लद्दाख में लड़ाई लड़ी है। उस समय पैर में गोली भी लगी थी। लड़ाई की जैसे ही सूचना मिली सील पहाड़ी पर बिना कोई संसाधन के रस्सी के सहारे चढ़ा गया लेकिन चीनी सैनिक पहले से तैयार थे काफी संख्या में हमारे सैनिक शहीद हो गए थे। फिर भी हमने मोर्चा संभाला चीन के दर्जनों सैनिकों को मार गिराने के बाद उन्हें काफी पीछे तक ले गए थे। कहा पहले हमारे पास आधुनिक हथियार नहीं था अब हम आधुनिक हथियार में काफी मजबूत हुए हैं। हमें नीचे से ऊपर जाना पड़ता था लेकिन अब स्थिति बदल गई है। चीनी सैनिक हमारे सैनिकों को शहीद कर दिए हैं। सुनते ही कहा 85 वर्ष का हो गया हूं तो क्या है आज भी हमारे भुजाओं में इतना जोर है कि बॉक्सिंग से ही चीनी सैनिकों को मार गिराउंगा। सैनिक संगठन के जिलाध्यक्ष सूबेदार पद से सेवानिवृत्त गोन्हियाछपरा निवासी अखिलेश्वर सिंह ने कहा कि चीन हमें पहले का भारत न समझे आज हम किसी भी मायने में चीन से मजबूत हैं। कहा अगर हमारी सरकार इजाजत दे तो आज भी हमारे रिटायर्ड फौजी चीन से लोहा लेने के लिए तैयार हैं। कहा चीन में फौजियों को जबरिया नौकरी पर रखा जाता है जबकि हमारे देश के युवाओं में देश प्रेम होता है और हम शौक से देश के लिए मर मिटने की जज्बा लेकर सेना में जाते हैं, इसलिए हम किसी भी मायने में चीन को धूल चटा देंगे।
पूर्व सैनिकों तैनाती के समय को किया याद, सेना ने भी दिया है जबाव
चौकिया मोड़। लेह लदाख में 2 वर्ष 5 माह नायक के पद पर तैनात 45 वर्षीय उभाव थाने के बहुता चक उपाध्याय गांव निवासी सेवानिवृत्त देवेंद्र राम ने बताया कि समतल से 18 हजार फुट से अधिक ऊंचाई होने के नाते ऑक्सीजन की परेशानी होती है। फिर भी जाबांज सैनिकों के हौसले कम नहीं होते हैं। सभी लोग अपने अपने कार्य में मुस्तैद रहते हैं। इसके अलावा अक्तूबर से लेकर मार्च तक समय समय पर खूब बर्फबारी होती है। बर्फ की ऐसी स्थिति होृती है कि यदि किसी भी सैनिक को शरीर में बर्फ लग गई तो सड़न पैदा करने लगती है और वहां घाव बन जाता है। घाव जल्दी ठीक नहीं होता है। अधिक बर्फ गिर जाने पर मिट्टी के तेल की हमेशा बुखारी जलाकर सैनिक अपनी पोस्ट पर तैनात रहते हैं। लेह लदाख के अलावा सीमाओं पर तैनात भारतीय फौज के अंदर अदम्य साहस है। चीन ने जो भारतीय फौज के ऊपर हमला किया यह उसका कायरतापूर्ण है। जवाबी कार्रवाई में भारतीय सैनिक भी पीछे नहीं है, उनका मुंहतोड़ जबाब दिए हैं।
पूर्व सैनिक संगठन ने बैरिया त्रिमुहानी पर चीन का पुतला फूंका।- फोटो : BALLIA
चाइना बार्डर पर हुई झड़प में भारतीय सैनिकों की शहादत पर मौन रखते कांग्रेस के कार्यकर्ता।- फोटो : BALLIA
बांसडीह क्षेत्र में चाइना बार्डर पर शहीद हुए जवानों को बच्चे ने दी अपने अंदाज में श्रद्धांजलि।- फोटो : BALLIA