तेज धूप के साथ लू के थपेड़ों की वजह से अस्पताल में उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या में एकाएक वृद्धि हो गई। बच्चों से लेकर बुजुर्ग परेशान हैं। तापमान बढ़ने से पहले अस्पताल में प्रतिदिन 1200 से 1300 तक की ओपीडी होती थी। गर्मी बढ़ने पर ओपीडी 1800 के ऊपर पहुंच गई है। फिजिशियन की ओपीडी में 40 प्रतिशत मरीज सिर्फ डायरिया के पहुंच रहे हैं। चिकित्सक दवा देने के साथ खानपान में संयम बरतने की सलाह दे रहे हैं।
सोमवार को अस्पताल में ओपीडी 1847 ओपीडी रही। इमरजेंसी में 24 घंटे में 94 से ऊपर मरीज पहुंचे, जिसमें 30 मरीज उल्टी, दस्त पेट में दर्द वाले रहे, 13 मरीजों की हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने भर्ती कर इलाज किया। मेडिकल वार्ड, इमरजेंसी व बच्चा वार्ड डायरिया के मरीजों से फुल हो गया है। मेडिकल वार्ड में भर्ती मनोज ने बताया कि शनिवार को मछली-रोटी खाई थी। शाम को पेट दर्द होने पर गांव के डॉक्टर से दिखाया। थोड़ी देर में हालत बिगड़ने पर सीएचसी पहुंचा, वहां चिकित्सक ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
इमरजेंसी में चिकित्सक ने हालत गंभीर देख भर्ती कर लिया, पूरी रात दवा चढ़ने के बाद सुबह राहत मिली। अन्य मरीजों का यही हाल रहा। मसालेदार भोजन तो धूप के कारण ज्यादातर लोगों की तबीयत खराब हुई थी। आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ने की संभावना है। सोमवार को जिले का तापमान 38 डिग्री सेल्सियस रहा। सुबह नौ बजे ही तेज धूप से हर कोई परेशान रहा।
मरीज को लापरवाही पड़ सकती है भारी
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि अभी गर्मी और बढ़ेगी। इसलिए सावधानी बरतने की जरूरत है। गर्मी में पर्याप्त मात्रा में साफ पानी पीना चाहिए। इस मौसम में बैक्टीरिया तेजी से फैलता है। फुटपाथ पर खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें। उल्टी दस्त होने पर ओआरएस का घोल पीते रहे। लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।
ये जरूर करें
- भीषण गर्मी में प्रतिदिन चार से छह लीटर पानी अवश्य पीएं।
- शिकंजी, जलजीरा, नींबू पानी, जूस, नारियल पानी दही व ताजा फलों का सेवन करें।
- हल्का व सादा खाना खाएं। खाने के साथ सलाद अवश्य लें।
- जरूरी न हो तो धूप में न निकलें, हल्के एवं सूती के बाजू वाले कपड़े व चश्मा पहनें।
- अत्याधिक प्रोटीन युक्त भोजन व बासी भोजन का सेवन न करें।
- शराब, चाय काफी कार्बोहाइड्रेट, सॉफ्ट ड्रिंक आदि का सेवन न करें।
नंबर गेम
ओपीडी - 1847 मरीज
इमरजेंसी - 94 मरीज
डायरिया - 30 मरीज
गंभीर मरीज - 13 मरीज