मनियर (बलिया)। मनियर ब्लॉक प्रमुख सपना सोनी के खिलाफ दायर याचिका को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शैलेश पांडे की अदालत ने खारिज कर दिया।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में बृजनाथ यादव बनाम सपना सोनी व अन्य वाद दायर है। आरोप लगाया गया था कि नगर पंचायत मनियर की निवासी रहते हुए सपना सोनी ने क्षेत्र पंचायत सदस्य चुनाव के लिए गलत तरीके से फर्जी आधारों पर ग्राम पंचायत दुरौंधा से मतदाता सूची में अपना नाम अंकित कराया है। सरकारी कर्मचारियों की मिलीभगत से भर जाति का अपने व अपने पति के नाम से जाति प्रमाण पत्र हासिल किया गया है। जबकि वह सोनार जाति की हैं। वह विजयी होकर वर्तमान में ब्लॉक प्रमुख मनियर हैं।
न्यायिक मजिस्ट्रेट ने अपने रिपोर्ट में लिखा है कि जहां तक जाति प्रमाण का प्रश्न है, वह एक अलग विषय है। चुनाव लड़कर किसी पद विशेष पर कार्य करना अलग-अलग विषय है। जहां तक योग्यता के आधार पर किसी पर कार्य करने का प्रश्न है तो उसके संबंध में संबंधित चुनाव याचिका के माध्यम से सक्षम फोरम पर चुनौती दी जा सकती है। चुनाव लड़ना संज्ञेय अपराध नहीं माना जा सकता है। अपीलीय न्यायालय के निष्कर्ष आने के पूर्व इस स्तर पर प्रकरण को संज्ञेय अपराध नहीं माना जा सकता। किसी संज्ञेय अपराध का कार्य किया जाना परिलक्षित नहीं होता है।