नगर के स्टेशन रोड पर छठ पर्व के लिए फलो की खरीददारी करते लोग।
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बलिया। सूर्योपासना का महापर्व डाला छठ बुधवार को नहाय-खाय के साथ शुरू हो गया। सुबह महिलाओं ने स्नान कर घरों की साफ-सफाई शुरू कर दी। इसके बाद छठ गीतों के बीच चने की दाल, लौकी की सब्जी और चावल खाकर व्रत की शुरूआत की। व्रत में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाता है। बुधवार से घर के अन्य सदस्यों का बिना स्नान किए उस कमरे में प्रवेश बंद होगा, जिसमें व्रती महिलाएं रहेंगी और छठ के सामान रखने के साथ पकवान तैयार किए जाएंगे। बुधवार से नगर से लेकर ग्रामीण इलाकों में घरों के साथ घाट और बाजारों में छठ के गीत बजने शुरू हो गए। वहीं लोगों ने बाजार में जमकर खरीदारी भी की।
बुधवार को नहाय-खाय के कारण मंगलवार को नगर समेत ग्रामीण क्षेत्र के चट्टी चौराहे पर लौकी की जबरदस्त मांग रही। बुधवार सुबह स्नान कर व्रती महिलाओं ने चने की दाल, लौकी की सब्जी व भात खाकर पर्व की शुरुआत की। बृहस्पतिवार (19 नवंबर) को निर्जला व्रत (खरना) रखकर शाम को गुड़ निर्मित खीर, रोटी व फल से पारण करेंगी। 20 नवंबर को निर्जला व्रत रहेंगी और शाम को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्ध्य देंगी। इसके बाद 21 नवंबर को उदयीमान सूर्य को अर्ध्य देकर परिवार के मंगलमय की कामना करते हुए पारण करेंगी। छठ की तैयारी के लिए घरों में महिलाओं ने गेहूं धोना शुरू कर दिया है। इसमें शुद्धता व स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाता है कि कोई पक्षी अनाज को जूठा न कर दे।
खरीदारी के लिए उमड़ी भीड़
बलिया। छठ को लेकर नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के बाजारों में बुधवार को भीड़ उमड़ी। जिला मुख्यालय के गड़वार तिराहा, गांधी नगर, चित्तू पांडेय चौराहा, स्टेशन रोड, चौक, विजय टाकीज रोड, रामलीला मैदान रोड, कासिम बाजार सहित अन्य स्थानों पर सजी फलों की दुकानों पर लोगों की भीड़ खरीदारी के लिए उमड़ी रही। इसके चलते नगर में जाम की स्थिति रही। हांलाकि जाम न लगे इसके लिए यातायात पुलिस जगह-जगह मौजूद रही। छठ पर्व पर बिक्री को लेकर दुुकानदारों में काफी उत्साह देखा गया।
घर पहुंचने के लिए नहीं मिल रहा टिकट
बलिया। छठ पूजा में शामिल होने के लिए देश के कोने-कोने से लोग पूर्वांचल और बिहार में आते हैं। इस समय ट्रेनों में जगह न मिलने के कारण यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कोरोना के चलते सिर्फ स्पेशन ट्रेनें चल रही हैं। लेकिन यात्री अधिक होने से समस्या बढ़ गई है। बलिया से होकर बिहार को आने जाने वाली ट्रेनों में 31 दिसंबर तक सीटें आरिक्षित हो चुकी हैं। यहां तक कि सभी ट्रेनों में 100 से अधिक वेटिंग चल रही है।