बलिया। जिले में 78 साधन सहकारी समितियों पर लोगों को कई सुविधाएं मिलेंगी। इन समितियों को बहुउद्देशीय बनाया गया है। समितियों पर खाद के अलावा सीएचसी व जन औषधि केंद्र की सुविधा होगी।
जिले में 160 साधन सहकारी समितियां हैं, इनमें 130 ही सक्रिय हैं। सरकार समितियों को बहुउद्देशीय बनाने की योजना को मूर्त रूप देने में जुट गई है। इन पर किसानों को उर्वरक के अलाव जनसेवा केंद्र की सुविधाएं भी मिल रही हैं। बेरुआरबारी ब्लाॅक की राजपुर साधन समिति पर सुविधाएं और अधिक मिल रही है। इस समिति पर आधार से भी पैसा निकालने की व्यवस्था की गई है। बी पैक्स समितियों पर सुविधा बढ़ने से किसानों को काफी लाभ मिलेगा। उन्हें पास में उर्वरक, ऋण समेत अन्य सुविधा मिलेगी। केंद्र सरकार में सहकारिता मंत्रालय बनने के बाद वर्ष 2023 के नए नियमों में अब कोई भी समिति क्षेत्रीय नहीं रह गई है।
ये समितियां हुईं बहुउद्देशीय
बी पैक्स चिलकहर, मंदाअमहर, गायघाट, छिब्बी, राजपुर, डूहाबिहरा, सिकरियाखुर्द, मैरीटार, बहुताचक उपाध्याय, दयाछपरा, बेरुआरबारी समितियां बहुउद्देशीय हुई हैं। इसके अलावा कोटवां, बछरजा, राजपुर, कसौंडर, बांसपार बहोरवा, टंगुनिया, काजीपुर, सरदासपुर, दोकटी, सुरेमनपुरपिपरपाती, खारी समिति बहुउद्देशीय हुई है। चडवा बरवा, रेपुरा, छोटकी सेरिया, भुवारी, कुरेजी, गड़वार, मिड्ढा बाजार एवं रतसड़, बड़सरी जागीर, पिलुई, पाल चंद्रहा, रेवती समिति भी बहुद्देशीय की गई है। छितौनी, बढ्ढा, करनी, खोरीपाकड़, कथौड़ा, हथौज, चौकियाइमिलिया, सुल्तानपुर, मिश्रौली, नूरपुर, चेरुइया, देवकली, नरायनपुर सुलुई, पिपराकला, सुरहिया, उदहां, हंडियाकला, बर्रेबोझ, टिकादेवरी, नरायनपाली, बरौली, डुमरी समिति भी बहुउद्देशीय हुई है। अमडरिया, मलपहरसेनपुर, बघुड़ीजमीन, ससनाबहादुरपुर, सुरही, मानिकपुर, जवाहरटोला, बांसडीह दक्षिणी, चाईछपरा, शाहपुर, रामगढ़ एवं बालूपुर भी इनमें शामिल है।
जिले की 78 समितियों को बहुद्देशीय बनाया गया है। इसका लाभ सीधे किसानों को मिल रहा है। उन्हें सीएससी, जन औषधि केंद्र आदि की सुविधा नजदीक मिल जाएगी। - ब्रजेश पाठक, एआर सहकारिता।