नई सरकार के पहले तहसील दिवस पर ही अधिकारियों का रवैया बदला-बदला दिखा। फरियादियों के चेहरे पर एक विश्वास नजर आ रहा था कि अब किसी मामले को लेकर तहसील का चक्कर नहीं काटना पड़ेगा वहीं अधिकारी भी मुस्तैद नजर आए। मुख्य तहसील दिवस मंगलवार को तहसील प्रागण में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। इस दौरान फरियादियों ने कुल 66 प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए। जिसमें मौके पर ही 10 प्रार्थना पत्र का निस्तारण कर दिया गया। सबसे ज्यादा राशन व राजस्व संबंधी मामले आए। हालांकि पहले से बगैर किसी सूचना के मुख्य तहसील दिवस का आयोजन किए जाने से बहुत से फरियादी नहीं पहुंच पाए। फिर भी जिलाधिकारी के आने की खबर पर धीरे-धीरे फरियादियों की भीड़ बढ़ने लगी।
तहसील क्षेत्र के बेऊर निवासी मुन्नी लाल वर्मा और अछूही निवासी शिवाकान्त तिवारी ने कोटेदार पर राशन वितरण में धांधली का आरोप लगाया। मनियर निवासी अमरेंद्र सिंह ने अधिशासी अधिकारी व नगर अध्यक्ष पर सरकारी धन का बंदरबाट का आरोप लगाया। पिंडहरा के परशुराम नगर के रहवासियों ने बताया कि अब तक वे अंधेरे में रहने को विवश है। यही नहीं 100 मीटर की दूरी पर विद्युत उपकेन्द्र भी संचालित है। यह सुन जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग को तत्काल किसी योजना के तहत विद्युतीकरण करने का निर्देश दिया। अगर किसी विभाग की लापरवाही बरतने की शिकायत मिली तो संबंधित विभाग के अधिकारियों को बख्शा नहीं जायेगा। इस मौके पर एएसपी रामयज्ञ यादव, सीडीओ सन्तोष कुमार, सीएमओ एसके तिवारी एसडीएम राधेश्याम पाठक, तहसीलदार लालबाबू दुबे सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।