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पूर्व पीएम चंद्रशेखर के सपने को कब लगेंगे पंख

Mon, 28 Sep 2015 12:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो बलिया।
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जिले में पर्यटन स्थल के रूप में बसंतपुर स्थित शहीद स्मारक में पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के कार्यकाल में करोड़ों रुपये खर्च किए गए। बावजूद इसके, पर्यटक स्थल के रुप में शहीद स्मारक को विकसित नहीं किया जा सका। इसके लिए सांसद भरत सिंह तथा पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के पुत्र राज्यसभा सांसद नीरज शेखर ने कई बार प्रयास भी किया लेकिन प्रदेश तथा केंद्र सरकार ने इसे कोई तवज्जों नहीं दिया। जबकि जिले के तीन-तीन काबीना मंत्रियों की जमात है। अब इसे पयर्टन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए भाजपा सांसद भरत सिंह ने एक बार फिर प्रयास तेज कर दिए है।
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बसंतपुर स्थित शहीद स्मारक के नाम पर पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के कार्यकाल में करोड़ों रुपये खर्च किए गए। इसमें आडियोटोरियम के साथ ही बहुत बड़ा फव्वारा बनवाया गया। जबकि कई ऐसे भवन बनाए गए, जिस पर करोड़ों रुपये खर्च हुए। शहीदों की याद में पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के कार्यकाल में पूरे देश में तीन शहीद स्मारक बनाए गए, जो स्थान सन 1942 में आजाद हुए थे। जिसमें बलिया, मिदनापुर तथा सतारा की भूमिका अग्रणी होने पर उन जिलों में इस प्रकार के शहीद स्मारक बनाए गए थे। बलिया में शहीद स्मारक बनाने का कार्य शुरु हुआ तो उम्मीद जगी थी कि अब देश के पर्यटक स्थलों में बलिया का भी नाम जुड़ जाएगा। लेकिन दुर्भाग्य रहा कि कुछ दिनों तेजी से कार्य चलने के उपरांत करोड़ों रुपये लगने के बाद पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर का निधन हो गया और शहीद  स्मारक का कार्य बीच में ठप कर दिया गया। विभागीय सूत्रों की मानें तो इस स्मारक के नाम पर करीब 300 करोड़ रुपये खर्च किए गए लेकिन अब सभी कार्य अधर में हैं। स्मारक के नाम पर बनने वाला स्वर्ग का सपना बीच में ही लटक गया। इसके बाद राज्यसभा सांसद नीरज शेखर ने भी कई बार प्रयास किया। जबकि भाजपा सांसद भरत सिंह अभी बीते माह में केंद्र के खेल मंत्रालय के साई के एक अधिकारी को जिले में लेकर आए और वाटर स्पोर्ट के नाम पर तमाम संभावनाओं का उल्लेख किया था। सांसदों की मेहनत कितनी रंग लाती है और शहीद स्मारक कितने दिनों पर पर्यटक स्थल के रुप में आबाद हो रहा है।
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