नगर पालिका परिषद की चेयरमैन साधना गुप्ता के खिलाफ दर्जनों सभासद लामबंद
होकर सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे। सभासदों ने नगर पालिका के रुके विकास
कार्यो के लिए चेयरमैन को दोषी ठहराते हुए कहा कि नपा में बोर्ड की बैठक
कभी भी नियमानुसार नहीं की गई है। साथ ही चेयरमैन द्वारा बार-बार टेंडर
निरस्त किए जाने की भी निंदा भी की। इस दौरान सभासदों ने डीएम को पत्रक
सौंपा।
सभासदों ने नपा अध्यक्ष के खिलाफ दिए गए शिकायती पत्र में आरोप
लगाया है कि नगर निकाय अधिनियम के तहत बोर्ड की बैठक प्रतिमाह होनी
चाहिए। लेकिन वर्तमान नपा अध्यक्ष के कार्यकाल में कभी भी इस आदेश का
अनुपालन नहीं किया गया। मनमाने तरीके से नियम कानून को ताक पर रखकर कार्य
किया जा रहा हैं। नगरपालिका परिषद बलिया बोर्ड की बैठक मार्च 2015 में हुई
थी। उसके बाद आज तक कोई बैठक नहीं बुलाई गई।
नपा अध्यक्ष और अधिशासी
अधिकारी से कई बार लिखित और मौखिक सिफारिश कर बैठक बुलाने की मांग की।
लेकिन अब तक कोई पहल नहीं हुई। जिससे अब तक कई जनहित के कार्य प्रभावित
हु़ए। यह भी आरोप लगाया है कि बहुत से कार्यो में बोर्ड की बैठक में बिना
चर्चाए कराए ही उन प्रस्तावों पर कार्य कराया गया।
इस प्रकरण को लेकर
सभासदों ने इसके पहले भी 11 सितंबर को तत्कालीन जिलाधिकारी को शिकायती
पत्र दिया था। जिस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। जबकि 11 नवंबर से एतिहासिक
ददरी मेले का शुभारंभ होने जा रहा है। ऐसे में सभासदों ने तत्काल बैठक
बुलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की मांग की। इस मौके पर सभासद शकील,
गंगोत्री देवी, कृष्णा दूबे, लीलावती, पम्मी ङ्क्षसह, विनय कुमार ङ्क्षसह,
आदर्श मिश्र, राकेश श्रीवास्तव, अरशद जमाल, ब्रजेश ङ्क्षसह, सरोज सिंह,
रामनारायण यादव, उषा देवी, चंदन गुप्ता, बबिता सिंह, आदि मौजूद रहे।