दीवानी न्यायालय परिसर में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबाेधित करते क्रिमिनल बार के अध्यक्ष देवें
बलिया। क्रिमिनल एंड रिवेन्यू बार एसोसिएशन के अध्यक्ष देवेंद्र नाथ मिश्रा व दी सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष देवेंद्र दुबे ने कहा कि उच्च न्यायालय में मामला होेने के कारण नगर पालिका परिषद के चेयरमैन संत कुमार उर्फ मिठाई अधिकार सीज होेने पर किसी फाइल पर हस्ताक्षर नहीं कर सकते। जिलाधिकारी लिख कर दें तो हस्ताक्षर करने के अधिकारी होंगे। कहा कि प्रशासन ने संविधान के खिलाफ जाकर उनके अधिकारी को छीना है।
बुधवार को सभागार में प्रेसवार्ता में कहा कि नगर पालिका परिषद के चेयरमैन संत कुमार ने दोनों बार के अध्यक्ष से मिलकर समर्थन मांगा है। इस पर समर्थन देने का निर्णय हुआ है। बताया कि ददरी मेला में प्रशासन दुर्व्यवस्था के चलते एक अधिवक्ता की मौत हो गई। अंग्रेजों के शासनकाल से मेला लगाने का काम नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष ही करते थे। डीएम ने इनके अधिकारों को सीज कर दिया है। इसके खिलाफ वह उच्च न्यायालय में गए हैं। ऐसे में किसी फाइल पर कैसे हस्ताक्षर कर देंगे। न्याय न होने पर शासन के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा।
राजनीतिक दबाव में प्रशासन कर रहा प्रताड़ित : संत कुमार
चेयरमैन संत कुमार ने कहा कि राजनीतिक दबाव में प्रशासन प्रताड़ित कर रहा है। मैं न्याय की मंदिर में आया हूं। पिछले साल मैं मेले में था। इस बार मैं गया ही नहीं हूं। कर्मचारियों के वेतन भुगतान की गाइड लाइन के लिए शासन व प्रशासन को पत्र भेजता रहा हूं लेकिन काेई जवाब नहीं आया। मेले से मुझे व सभासदों को प्रशासन ने निकाल दिया था। कहा कि यह बागी बलिया है, ज्यादा परीक्षा प्रशासन न ले।