बांसडीह। कोतवाली क्षेत्र के कैथवली पेपर मिल के पास शुक्रवार की देर रात तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई। इसमें दो लोगों की मौत हो गई, पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को सीएचसी पहुंचाया। तीन की हालत गंभीर देख वाराणसी रेफर कर दिया गया, दो की प्राथमिक इलाज के बाद छुट्टी कर दी गई।
दोकटी थाना के धतुरी टोला (सोनकी भाट) निवासी प्रधान प्रतिनिधि ओमप्रकाश गोड़ की पुत्री पूजा की शादी बीते 18 फरवरी को गाजीपुर जिले के महडोर गांव में गोविंद गोंड़ से हुई थी। पुत्री के बहू भोज कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मायके से उसके पिता अपने नाते-रिश्तेदारों के साथ कलेवा लेकर गए थे। वहां कार्यक्रम सम्पन्न होने के बाद सभी लोग रात में ही घर लौट रहे थे। रास्ते में रात दो बजे तेज रफ्तार कार कैथवली पेपर मिल के समीप चालक को झपकी आने से अनियंत्रित होकर सड़क के दूसरे किनारे पर पेड़ से टकरा गई।
राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सक ने संजय गोंड (45) पुत्र शिवशंकर गोंड व जयशंकर यादव (40) पुत्र लोरी यादव को मृत घोषित कर दिया। वहीं, कुबेर गोड़ (23), सूर्या यादव (10) पुत्र जयशंकर यादव, अमित गोड़ (30), अभिषेक गोड़ (20), प्रीतम गोड़ (24) निवासी धतूरी टोला घायल हो गए। इसमें तीन की हालत गंभीर देख वाराणसी को रेफर कर दिया। परिजन वाराणसी की जगह मऊ इलाज के लिए लेते गए। बांसडीह प्रभारी संजय सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है। कार को कब्जे में ले लिया गया है।
पिता की मौत, जीवन और मौत के बीच अस्पताल में जूझ रहा पुत्र : जयप्रकाश नगर। बांसडीह कचहरी-बेरूआरबारी मार्ग के कैथवली गांव के निकट कार दुर्घटना में दो मौत व पांच की हालत गंभीर की जानकारी मिलते ही धतुरी टोला गांव में शोक की लहर दौड़ गई। प्रधान परिवार में बेटी की शादी के बाद ससुराल व मायका वाले खुश थे। इस बीच सड़क भीषण दुर्घटना ने परिवार को गहरा जख्म दे गया। घटना की खबर लगते ही दरवाजे व पोस्टमार्टम हाउस पर सांत्वना देने वालों की भीड़ जुटी रही। परिवार के सदस्य घायलों के इलाज के लिए मऊ होने के कारण पोस्टमार्टम रिश्तेदारों ने कराया।
जयशंकर यादव की मौत और उनके पुत्र सूर्या की स्थिति गम्भीर होने की सूचना से पत्नी रीता देवी बेसुध हो गई है। वह बार कभी पति तो कभी बच्चे को देखने की जिद करते हुए बेसुध हो जा रही है। उसे सांत्वना देने वाली महिलाओं की आंखों नम हो गई थीं। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि क्या कह कर चुप कराएं। हर कोई इस घटना से मर्माहत हो गया है। ज्योति, अंजली, प्रीति, काजल एक तरफ पिता के खोने का गम तो दूसरी तरफ इकलौते भाई की जान बचाने के लिए भगवान से दुहाई कर रही हैं। आने वाले हर किसी से उनकी हालत के बारे में पूछ रही थी। वहीं, संजय की पत्नी कंचन देवी, पुत्र विशाल (21), अंश (14) व यश सात वर्ष का रोते रोते बेसुध हो जा रहे है। संजय परिवार के भरण पोषण के लिए बैरिया कस्बा में बाइक मिस्त्री का काम करते थे। इस घटना में गांव में कोहराम मच है। आसपास के घरों के चूल्हा तक नहीं जले।