बलिया। बसपा के सांसद अफजाल अंसारी ने ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के राम मंदिर मसले पर पुनर्विचार याचिका दाखिल करने के फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा है कि मुसलमानों के सामने इस फैसले को स्वीकार करने के अलावा कोई रास्ता नहीं है। पुनर्विचार याचिका से कुछ हासिल होने वाला नहीं है ।
गाजीपुर से बसपा सांसद अंसारी ने अमर उजाला से बातचीत करते हुए ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के राम मंदिर मसले पर पुनर्विचार याचिका दाखिल करने के फैसले को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर-बाबरी मस्जिद मसले को लेकर देश को भारी नुकसान हुआ है।
देश हित में है कि इस मसले का हल हो जाय ताकि देश में बुनियादी मसलों पर चर्चा हो सके। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के पांच न्यायमूर्तियों की खंडपीठ ने यह फैसला दिया है। यह फैसला भाजपा, विश्व हिंदू परिषद व संघ का नही है। उन्होंने कहा कि देश में लोकतंत्र है तथा संविधान सर्वोपरि है। फैसला अच्छा लगे अथवा अच्छा न लगे, उसे स्वीकार करना ही है। उन्होंने कहा कि मुसलमानों के लिए फैसले को स्वीकार करने के सिवाय कोई और विकल्प नही है तथा पुनर्विचार याचिका से कुछ भी हासिल होने वाला नही है। उन्होंने सवाल किया कि न्यायालय में मुकदमा विचाराधीन रहते समय मुस्लिम नेताओं व उलेमाओं ने फैसले के सम्मान की बात कही थी तो फिर फैसले का सम्मान करने की बजाय अब क्यों पुनर्विचार याचिका दाखिल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि तसल्ली के लिये भले ही पुनर्विचार याचिका दाखिल हो जाय, लेकिन सभी को यह समझने की दरकार है कि जो होना था, हो चुका है।
भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि यह भी कांग्रेस के ही नक्शेकदम पर चल रही है। महाराष्ट्र के राजनैतिक स्थिति पर कहा कि येन केन प्रकारेण अपनी सरकार बनाना इस समय महत्वपूर्ण हो गया है। राजनीति में नैतिकता का अब कोई महत्व नही रह गया। धर्मनिरपेक्षता की बात भी अब कहने व छपने तक सिमट कर रह गई है। उन्होंने दावा किया कि देश से भाजपा की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। बेरोजगारी, भ्रष्टाचार व बुनियादी समस्याओं से जनता त्राहि त्राहि कर रही है। भाजपा अब अधिक दिनों तक जनता को गुमराह नही कर पायेगी।