देवरिया- बलिया को विभाजित करने वाला भागलपुर पुल का टूटा ज्वाइंट।
देवरिया और बलिया जिले को विभाजित करने वाली घाघरा नदी पर बने पुल के ज्वाइंट में दरार पड़ गया है। इसके चलते खतरे की आशंका बढ़ गई है। वहीं पुल से गुजरते समय वाहन चालक किसी अनहोनी घटना को लेकर भयग्रस्त हैं।
घाघरा नदी पर करीब डेढ़ किमी लंबे पुल का लोकार्पण वर्ष 2002 में किया गया। एक दशक के बाद पुल में दरार पड़ जाने के कारण भारी वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित हो गया। पुल पर आवागमन ठप हो जाने के चलते पूर्वी उप्र का बिहार, बंगाल, असम समेत पूर्वोत्तर राज्यों के सड़क संपर्क टूट गया। जिसके फल स्वरूप वाहन चालकों को लंबी दूरी तय करके दूसरे मार्गों से होकर आवागमन करने को विवश होना पड़ा। सेतु निर्माण निगम के अधिकारियाें के उपेक्षात्मक रवैए के चलते कई माह तक पुल पर आवागमन ठप रहा। इस स्थिति से परेशान होकर जनता ने विभिन्न माध्यमों से कई बार शासन-प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया।
कई माह तक काफी जद्दोजहद के बाद पुल का मरम्मत कर आवागमन शुरू किया गया। सेतु निर्माण निगम ने काम चलाउ नीति के तहत क्षतिग्रस्त बेयरिंग और पुल का मरम्मत कराया। जिसके चलते एक साल तक पुल पर आवागमन चालू रहा। उसके कुछ दिनों के बाद पुल के ज्वाइंट में दरार पड़ गया। पुल में आए दिन हो रहे खराबी के चलते सेतु निर्माण निगम की कार्यपद्धति पर सवालिया निशान लग गए है। वहीं पुल का रख-रखाव दुरूस्त नहीं किए जाने से हमेशा खतरे की आंशका बनी रहती है।