अब्बासपुर गांव में पिता के आखिरी दर्शन के इंतजार में खड़े बच्चे।
देश के लिए जान देने वाले शहीद हरिंद्र का पार्थिव शरीर बाबतपुर से गुरुवार की देर शाम उसके पैतृक गांव अब्बासपुर पहुंचा। पूरा गांव गर्व से अपने बहादुर सपूत को अंतिम विदाई देने उमड़ा। भले ही लोगों के आंखों में आंसू भरे थे लेकिन सभी के सिर फक्र से उठे थे। बता दे कि कुपवाड़ा जिले के मच्छेल सेक्टर में मंगलवार को हुई पाकिस्तानी गोलीबारी के दौरान हरिंद्र घायल हो गए थे। बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी।
गुरुवार की शाम शहीद को गार्ड आफ ऑनर देने के बाद उसकी अंत्येष्टि पैतृक गांव में की गई। वाराणसी के बाबतपुर एयरपोर्ट से शहीद का पार्थिव शरीर सेना के वाहन से करीब साढ़े छह बजे गांव अब्बासपुर लाया गया। जिसे देखने के लिए हजारों की संख्या में गांव सहित आसपास के दर्जनों गांव के लोग उमड़ पड़े। इस दौरान लोगों ने पाक के खिलाफ नारेबाजी कर अपनी भड़ास निकाली। शहीद का पार्थिव शरीर कुछ देर लोगों के अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। हरिंद्र की पत्नी ज्ञांती देवी तथा मां शांति देवी शव देखते ही बिलख उठी। शहीद के अंतिम दर्शन के बाद पार्थिव शरीर को अंत्येष्टि स्थल पर लाया गया। जहां सेना के बैंडबाजे के धुन पर डीएम गोविंद राजू एनएस और एसपी वैभव कृष्ण की मौजूदगी में गार्ड आफ आनर दिया गया। इस मौके पर सलेमपुर सांसद रवींद्र कुशवाहा, बैरिया विधायक जयप्रकाश अंचल, विधायक गोरख पासवान, बेल्थरारोड एसडीएम बाबू राम, सीओ रसड़ा श्रीराम, भीमपुरा थानाध्यक्ष राजनाथ यादव के साथ ही सेना के जवान अंत्येष्टि से पूर्व पुष्प चक्र अर्पित कर शहीद को श्रद्घांजलि अर्पित की।