ब्लड डोनेशन कैंप में रक्तदान करने के बाद प्रमाण पत्र दिखाते रक्तदाता। अमर उजाला
शहीद मंगल पांडेय की धरती का इतिहास गौरवपूर्ण रहा है। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अंग्रेजों से मोर्चा लेने का समय हो या दूसरे के लिए लहू देने की बात हो, यहां के नौजवान कभी पीछे नहीं रहे हैं। कुछ इसी तरह का उत्साह मंगलवार को कारगिल विजय दिवस के अवसर पर अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर में देखने को मिला, जहां न सिर्फ लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया बल्कि 60 यूनिट रक्तदान कर जिले के लिए रिकार्ड बनाने में भी अपनी सहभागिता निभाई।
जिला चिकित्सालय में बतौर मुख्य अतिथि जिलाधिकारी राकेश कुमार, विशिष्ट अतिथि सीएमओ पीके सिंह, सीएमएस एसपी राय ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर रक्तदान शिविर का शुभारंभ किया। शिविर में रक्तदान करने के लिए जिले के कोने-कोने से नौजवान और महिलाएं रक्तदान कर पुण्य के भागी बने। शिविर में रक्तदान के लिए 122 लोगों ने पंजीकरण कराया था। जिलाधिकारी राकेश कुमार ने कहा कि रक्तदान से बड़ा कोई दान ही नहीं होता।
रक्तदान महादान है और कारगिल दिवस के मौके पर उन शहीदों की याद में आज जो भी रक्तदान किए हैं वह सीधे तौर पर उन्हीं को श्रद्धांजलि है। अपील किया कि जनपदवासी इस नेक काम में सहयोग करें और अपना अमूल्य खून देकर दूसरों की जान बचाकर पुण्य के भागी बने।
अमर उजाला की तरफ से आयोजित इस कार्यक्रम की जितनी सराहना की जाए कम है। इस दौरान डीएम ने रक्तदान करने वाले मयंक कुमार सिंह, संजीव कुमार सिंह डंपू, दिग्विजय सिंह, सुदिष्ट मिश्र, अनूप कुमार मौर्य, पीयूष कुमार त्रिपाठी, ओमशक्ति त्रिपाठी, संजय कुमार गुप्त को अपने हाथों से प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। बतौर विशिष्ट अतिथि मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. पीके सिंह ने कहा कि हर आरोग्य व्यक्ति को साल में कम से कम दो बार खून देना चाहिए। कहा कि चार धाम यात्रा से जो पुण्य अर्जित होता है, उससे अधिक पुण्य किसी को खून देकर जिंदगी बचाने में होता है।