आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के सदस्यों ने कलेक्ट्रेट धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि शासनादेश के मुताबिक प्रोन्नति प्राप्त कर्मचारियों को दोबारा अपने जगह पर किया जाएगा, जिससे पूरे प्रदेश के कर्मचारियों में हड़कंप मची हुई है और लोगों में निराशा है।
कर्मचारियों ने कहा कि इस काले कानून को तत्काल वापस कर संवैधानिक संशोधन किया जाए। आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति जिला इकाई के सदस्यों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन के दौरान जमकर नारेबाजी की। इस मौके पर सदस्यों ने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ओमप्रकाश चौधरी को ज्ञापन सौंपकर काला कानून तत्काल वापस लेने की मांग की।
उन्होंने कहा कि एससी/एसटी के कार्मिकों को पदावन्नत करने वाला कानून हर हाल में वापस किया जाना चाहिए। कमेटी बनाकर इस प्रकरण को हल किया जाना चाहिए। हक से वंचित समाज के बच्चों को वजीफा, वृद्धा तथा विधवाओं को पेंशन बहाल किया जाए।
धरना-प्रदर्शन में वक्ताओं ने तीन मई को लखनऊ में होने वाले विधानसभा घेराव में बढ़ चढ़कर हिस्सेदारी करने की अपील की। कहा कि सूबे की सरकार एससी/एसटी के कर्मचारियों को अनदेखी कर रही है।