आगे केतकी सिंह ने कहा कि हमनी के भाषा के ए अध्यक्ष जी... जहां कहि भी इंसानियत होई ओजुगा उप्र के कवनो ना कवनो नागरिक होई। उ गर्व से आपन भाषा बोलत होई। त हम त आपके धन्यवाद देहल चाहतानि, सदन के धन्यवाद दिहल चाहतानि। एहिजा हमार पत्रकार बंधु बा। हम ऐहू लोग से आग्रह कइल चाहत बानी कि तनि जोरदार एकरा के छापब जा। आप सबकि हमनी के उप्र में भी आपन भाषा बोलत बानी जा।
उन्होंने कहा कि जेकरा के सुने में दिक्कत बा, बोले में दिक्कत बा, कवनो बरियारी नइखे भाई, गलवा पर तलवारवा नइखे रखाइल। तलवारवा बुझनी हौ जा न। तलवार के तलवारवा बोले नी। तलवारवा नइखे रखाइल, हिंदी में बोले के बाद त हिंदी में बोलिह लोग। भोजपुरी में बोले के या त भोजपुरी में बोलिहीं लोग। आ नइखे बोले के त चुपचाप अपना घरे जइहैं लोग। जय हिंद जय भारत, जय भोजपुरी...।