बलिया बंद के दौरान तीन भाजपा नेताओं ने माहौल को बिगाड़ा। सदर विधान सभा में इनका राजनीतिक क्षेत्र न होने के बाद भी ये बिन बुलाए मेहमान की तरह बंदी में शामिल हुए थे। इनका एकमात्र उद्देश्य आग भड़काना था।
सपा शांति-व्यवस्था में खलल डालने वालों को कभी माफ नहीं करेगी और न ही भाजपा के आयातित नेताओं को माहौल बिगाड़ने देगी। इतना ही नहीं आने वाले दिनों में भाजपा की राजनैतिक दूकान का शटर सपा गिरा देगी। यह बातें सूबे के कबीना मंत्री नारद राय ने पीडब्लूडी डाकबंगले में पत्रकारों से बातचीत के दौरान शनिवार को कहीं।
उन्होंने दुबारा कहा, पूर्व नपा अध्यक्ष लक्ष्मण मेरे छोटे भाई हैं, मैं उनका हाल जानने उसके घर तक गया था। घर पर ताला बंद होने के कारण मैं लौट आया। टेंडर विवाद से लेकर अब तक के सभी घटनाओं की पुलिस जांच कर रही है। दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होगा और निष्पक्ष कार्रवाई होगी।
कबीना मंत्री ने कहा कि हमले में घायल व्यापारी हों अथवा भाजपा कार्यकर्ता दोनों का पहले इलाज जरूरी है। उसके बाद ही पुलिस कार्रवाई करे इसक ा अफसरों को स्पष्ट निर्देश है। उन्होंने कहा कि नगर में व्यापारी रहते हैं। घटना से नाराज भी व्यापारी ही थे। बलिया बंद का आह्वान भी व्यापारियों ने ही किया था।
फिर भाजपा को निमंत्रण किसने दिया ? भाजपा के नेता और कार्यकर्ता व्यापारियों को समर्थन देने के बहाने माहौल बिगाड़ने आए थे। उन्होंने भाजपा विधायक उपेंद्र तिवारी, पूर्व विधायक रामइकबाल सिंह तथा भाजपा के प्रदेश मंत्री दयाशंकर सिंह को ही पूरे हंगामे की जड़ माना। कहा कि व्यापारी रामप्रसाद जायसवाल के यहां लूटपाट करने तथा उसकी एक आंख फोड़ने वालों को माफ नहीं किया जाएगा।