बसपा नेताओं पर कार्रवाई की मांग को लेकर भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिलाध्यक्ष कमालुद्दीन ने कलेक्ट्रेट परिसर में आत्मदाह करने का प्रयास किया। पुलिसकर्मियों ने उसे गिरफ्तार कर चालान कर दिया
भाजपा से निष्कासित दयाशंकर के घर के सदस्यों पर अभद्र टिप्पणी करने के मामले में बसपा नेताओं पर कार्रवाई के लिए भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिलाध्यक्ष कमालुद्दीन ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित सीआरओ कार्यालय के सामने आत्मदाह का प्रयास किया। पुलिसकर्मियों ने उन्हें और उनके एक सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया।
लखनऊ में प्रदर्शन के दौरान बसपा नेताओं ने दयाशंकर की मां, बेटी और पत्नी पर अमर्यादित टिप्पणी की थी। इसके खिलाफ हजरतगंज थाने में बसपा नेताओं पर मुकदमा भी दर्ज कराया गया है। इस मामले में गिरफ्तारी के लिए भाजपा कार्यकर्ता कई बार बसपा सुप्रीमो का पुतला फूंक चुके हैं। वहीं कई जगह प्रदर्शन का क्रम भी जारी है। लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं होने पर भाजपाजनों में रोष है।
इसी को लेकर भाजपा अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष कमालुद्दीन शेख ने गत दिनों कलेक्ट्रेट परिसर में आत्मदाह करने की चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर इस मामले में तीन दिन के अंदर बसपा नेताओं की गिरफ्तारी नहीं हुई तो मैं आत्मदाह करूंगा। इसके बाद से जिला और पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया था। पूर्व सूचना के अनुसार गुरुवार को दोपहर एक बजे कमालुद्दीन सिर पर गमछा ओढ़े अपने सहयोगी इरशाद खां के साथ बाइक से कलेक्ट्रेट पहुंचे और अपने शरीर पर मिट्टी का तेल उड़ेलने लगे। तभी पुलिसवालों ने उन्हें और उनके सहयोगी को गिरफ्तार कर चालान कर दिया। इस दौरान पुलिस और भाजपा नेता में जोर जबरदस्ती भी हुई थी।