अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर जमीनी स्तर तक अपनी पकड़ कायम रखने के लिए भाजपा ने भी कमर कस ली है। इसी क्रम में पार्टी विधायकों के रिपोर्ट कार्ड को लेकर गोपनीय सर्वे करवा रही है। भाजपा किसानों के बीच में जाकर सरकार की उपलब्धियां गिनाने की कोशिश में है।
अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर सभी दल मतदाताओं पर पकड़ बनाने के लिए दम भर रहे हैं। जहां कांग्रेस गांव-गांव प्रतिज्ञा यात्रा निकाल रही है तो वहीं सपा बूथ कमेटियों की समीक्षा बैठक में लगी है। उधर, सत्तारुढ़ भाजपा भी मतदाताओं तक पकड़ बनाने के लिए बूथ लेवल की कमेटियां गठित कर बड़े नेताओं को वहां भेजकर सरकार की उपलब्धियां गिना रही है। इसके लिए भाजपा के पांचों विधायक लगातार ग्रामीण अंचल में कार्यक्रम आयोजित कर जनता के बीच सरकार की योजनाएं बता रहे हैं। उधर, तीन कृषि नूनों के वापस के बाद भाजपा किसानों के बीच में भी जा रही है। इसी कड़ी में एक दिसंबर को भाजपा किसान मोर्चा की ओर से ट्रैक्टर रैली निकालकर सरकार की योजनाओं की जानकारी दी गई।
सर्वे रिपोर्ट तय करेगी माननीयों का टिकट
बलिया। भाजपा में आगामी विधानसभा चुनाव में प्रत्याशियों की दावेदारी तय करने के लिए पार्टी गोपनीय सर्वे करवा रही है। जानकारी के मुताबिक, अब तक पार्टी विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से दो सर्वे करवा चुकी है, जबकि एक तीसरा 15 दिसंबर के बाद और चौथा जनवरी 2022 के प्रथम सप्ताह से शुरू होगा। हालांकि यह सर्वे किन-किन आधारों पर हो रहा है, अभी यह गोपनीय है, जिससे सत्तारूढ़ पांचों विधायकों में खलबली भी है कि किसका टिकट बचा रहेगा और किसका टिकट कटेगा।
भाजपा की जमीनी स्तर तक मजबूत पकड़ है। पन्ना प्रमुख तक तैयार हो चुके हैं। सर्वे रिपोर्ट गोपनीय है, जिस पर कोई टिप्पणी संभव नहीं। चुनाव के लिए पार्टी पूरी तरह तैयार है। किसान भाजपा के साथ ही है। कृषि कानून वापस होने के बाद भी आंदोलन करने वाले कथित किसान है। इनके अपने हित हैं।
- जयप्रकाश साहू, जिलाध्यक्ष भाजपा, बलिया।