बोर्ड ने लाइनमैन से फोरमैन बनने की राह को आसान कर दिया है।
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जर्जर विद्युत तार से आए दिन हादसे होने के बाद भी बिजली विभाग इसे लेकर बिल्कुल संजीदा नहीं दिख रहा है। यदि बिजली विभाग इसे गंभीरता से लेता तो आए दिन हाईटेंशन तार टूटने की घटनाएं नहीं होती। यही नहीं तार टूटने से बार-बार बिजली भी बाधित नहीं होती।
आलम यह है कि जर्जर विद्युत तार और खंभे टूटने से विद्युत भी बाधित होती रहती है। शिकायत के बाजवूद विभाग जर्जर-विद्युत तारों एवं खंभों को विभाग बदलना मुनासिब नहीं समझता। नगर के अधिकतम क्षेत्रों के जर्जर विद्युत तारों को बदलकर केबल लगा दिया गया।
बावजूद अभी शहर के कई क्षेत्रों के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी आजादी के बाद से लगे जर्जर विद्युत तार और पोल हादसों को दावत दे रहे हैं। यही नहीं इनके टूटने से शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में घंटों बिजली बाधित रहती है। इसकी शिकायत कई बार लोगों ने विभगीय अधिकारियों से की।
बावजूद उनके कानों पर जू तक नहीं रेंग रहा। सिकंदरपुर संवाददाता के मुताबिक विद्युत उपकेंद्र सिंकंदरपुर के अंतर्गत भटवा चक जाने वाले नहर मार्ग पर एचटी तार काफी नीचे लटका हुआ है। यही स्थिति क्षेत्र के करीब सभी गांवों में है।
वहीं भरौली के कोटवानारायणपुर विद्युत उपकेंद्र से जुड़े गांवों में उपकेंद्र की स्थापना के साथ ही करीब 40 साल पूर्व विद्युत तार लगे थे, जो अब पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। यही स्थित करीब सभी गांवों की है। यदि तारों और पुराने पड़े खंभों को तत्काल नहीं बदला गया तो कभी भी हादसा हो सकता है।