व्यापारी आत्महत्या मामले के बाद लोगों में सूदखोरों के खिलाफ आक्रोश है, लेकिन गिरफ्तार किए गए आरोपियों के चेहरों पर कोई शिकन तक नहीं थी। प्रशासन के तमाम दावे के बावजूद उनकी रसूख का अंदाज इसी से लगाया जा सकता है कि कोतवाली में आरोपियों की खातिरदारी का पूरा इंतजाम रहा। उनका नाश्ता और भोजन होटल से आया। कोतवाली परिसर के आसपास इन रसूखदारों के गुर्गे दिनभर घूमते रहे और पुलिस मूकदर्शक बनी रही।
सूदखोरों के आतंक से सितंबर 2019 में जिले के गणेश पांडेय ने वाराणसी में आत्महत्या कर ली थी। उस मामले में अजय सिंह सिंघाल और छोटे भाई अरुण सिंह पर नामजद मुकदमा दर्ज है। गणेश पांडेय के पुत्र सूर्यप्रकाश पांडेय ने बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेज कर कहा है कि 29 जनवरी की शाम को दो अज्ञात लोगों ने मुझे रास्ते में रोककर वाराणसी में सिंघाल व उनके छोटे भाई पर किए गए मुकदमे में समझौता करने की धमकी दी। इसी वजह से मेरे पिता गणेश पांडेय ने आत्महत्या कर ली। व्यापारी नंदलाल ने भी आत्महत्या की है। सूर्यप्रकाश ने मुख्यमंत्री से खुद की और परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाई है।