भूपेंद्र सिंह के पिता रणजीत सिंह और मां मोतीसुंदरी देवी।
वायु सेना के गायब विमान एमएच 29 में सवार दोकटी थाना क्षेत्र के टोला सेवक राय निवासी भूपेंद्र सिंह (50) का पता नहीं चल सका। इससे परिवार के लोग सदमे में हैं। हालांकि परिवार वालों को पूर्ण विश्वास है कि भूपेंद्र जरूर लौटकर आएंगे।
भूपेंद्र सिंह भारतीय नौसेना से 2010 में पीटी अफसर पद से रिटायर हो गए थे। फिर 2015 में इन्हें विभाग द्वारा आयुध भंडार में क्वालिटी इंस्पेक्टर के पद पर आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में नियुक्त कि या गया। 20 जुलाई को भूपेंद्र ने अपनी पत्नी संगीता से बताया था कि चेन्नई से 22 जुलाई को पोर्टब्लेयर के लिए अपने विभाग के आठ और वायुसेना के अन्य जवानों के साथ रवाना होना है। कार्यक्रम के मुताबिक भूपेंद्र 20 को चेन्नई पहुंच गए और 22 जुलाई को चेन्नई से अपनी पत्नी से बात कर पोर्टब्लेयर के लिए एमएच-29 में सवार होकर उड़ान भरी।
भूपेंद्र की पत्नी संगीता देवी ने बताया कि विभाग के लोगों ने 22 जुलाई को ही करीब साढ़े तीन बजे विमान लापता होने की जानकारी दी थी। उधर, इस सूचना के बाद से ही भूपेंद्र के पिता रणजीत सिंह और माता मोतीसुंदरी देवी के अलावा परिवार के सभी सदस्य सदमे में हैं। हर दिन दरवाजे पर मित्रों और रिश्तेदारों का तांता लगा हुआ है। भूपेंद्र के दो पुत्र 22 वर्षीय ऋषि कुमार और 14 वर्षीय निखिल कुमार के पत्नी संगीता हैं जाे विशाखापट्टनम में हैं जबकि उनके माता पिता यहीं पर रहते हैं।