गंगा के जलस्तर बढ़ने से एनएच-31 पर दबाव बढ़ने लगा है। बाढ़ निरोधक के नाम पर इस बार भी डेंजर जोन पचरूखिया मझौंवा पर 18 कटर बनाए गए, ताकि वो स्परों की सुरक्षा तथा एनएच-31 की मुश्किलों को कम कर सके। लेकिन हालत इससे उलट है। गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ ही बालू से भरी बोरियों से बनाया गया कटर का कहीं अता-पता नहीं चल रहा है। जलस्तर बढ़ने से तटीय इलाकों के लोग सहमे हुए हैं।
केंद्रीय जल आयोग गायघाट के अनुसार, मंगलवार को गंगा का जलस्तर 56. 80 मीटर दर्ज किया गया। साथ ही प्रतिघंटा एक सेमी का बढ़ाव बना हुआ है। गंगा का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो जल्दी ही गंगा लाल निशान पार कर जाएगी। पानी निचले सतह में फैलने के कारण किसानों की खड़ी फसल जलमग्र हो गई है। उधर, बेल्थरारोड में घाघरा नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव का सिलसिला बना हुआ है। पिछले 24 घंटे से नदी में बढ़ोत्तरी जारी रहने से तटवर्ती ग्रामों के हजारों लोग सहमे हैं। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार मंगलवार को अपराह्न जलस्तर 64.370 मीटर दर्ज किया गया, जबकि लाल निशान 64.010 मीटर है। आयोग ने अगले 24 घंटे में जलस्तर में कुछ सेमी कमी के बाद जलस्तर स्थिर होने का पूर्वानुमान किया है। लाल निशान से 36 सेमी ऊपर बह रही घाघरा ने कहर बरपाना शुरू कर दिया। नदी का पानी तटवर्ती रिहायशी क्षेत्रों में पहुंचने लगा है। तटवर्ती महुआतर, चैनपुर गुलौरा, मठिया, टंगुनिया, खैराखास, तुर्तीपार, मुजौना, मझवलिया, करीमगंज, बेल्थरा बाजार, सहिया, सोनबरसा, हल्दीरामपुर आदि ग्रामों के बाशिंदे बाढ़ की आशंका को लेकर भयभीत है।
हाहानाला और तुर्तीपार रेग्यूलेटर पर पानी का दबाव बढ़ गया है। नदी के तटवर्ती क्षेत्रों में बाढ़ की पानी से फसलें डूबकर बर्बाद हो गई है। वहीं तुर्तीपार, सहिया, हल्दीरामपुर स्थित शवदाह स्थल पानी में डूब गया है। बेल्थरारोड बाजार स्थित मंदिर पानी से घिर गया है। करीमगंज, मझवलिया, बेल्थरा बाजार, सहिया आदि ग्रामों से कुछ दूरी तक नदी का पानी पहुंच गया है। उपजिलाधिकारी अरविंद कुमार राय ने तटवर्ती क्षेत्रों का दौरा करने के बाद बताया कि बाढ़ की संभावना फिलहाल नहीं के बराबर है। फिर भी नदी की प्रकृति पर प्रशासन की पैनी नजर है। एसडीएम ने बताया कि तटवर्ती क्षेत्रों में बाढ़ चौकियां स्थापित कर कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई है। बाढ़ के संभावित खतरे से निपटने के लिए प्रशासनिक तैयारी पूरी है।